पानीपत। हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कवायद शुरू की है। इसके तहत प्रदेश के 250 सरकारी स्कूलों को चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश स्कूल (सीएम ईईई स्कूल) के रूप में विकसित किया जाएगा। इनमें पानीपत जिले के 11 स्कूल शामिल हैं। सभी चयनित स्कूलों को सह-शिक्षा स्कूल के रूप में अधिसूचित किया गया है।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार इन स्कूलों में पहली कक्षा से अनिवार्य रूप से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कराई जाएगी। दूसरी कक्षा से हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में अलग-अलग सेक्शन संचालित होंगे। इन स्कूलों में आधुनिक कक्षाएं, बेहतर शैक्षणिक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
शिक्षा विभाग के अनुसार, इन स्कूलों में छात्रों से किसी प्रकार की अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। शिक्षकों की नियुक्ति स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी, जैसा कि मॉडल संस्कृति और पीएम श्री स्कूलों में किया जाता है।
ये स्कूल अपने क्लस्टर में हब स्कूल की भूमिका निभाएंगे और आसपास के सरकारी स्कूलों को शैक्षणिक सहयोग एवं विशेषज्ञता प्रदान करेंगे। बोर्ड संबद्धता पहले की तरह हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी से ही बनी रहेगी।
प्रदेश में चयनित स्कूलों की स्थिति
प्रदेश में सबसे अधिक 18 स्कूल हिसार जिले से चुने गए हैं, जबकि जींद और सोनीपत से 15-15 स्कूल शामिल हैं। अंबाला, करनाल, कैथल, यमुनानगर और फतेहाबाद से 12-12 स्कूलों का चयन किया गया है।
पानीपत के चयनित स्कूल
बापौली: जीएसएसएस गढ़ी बेसक, जीजीएसएसएस बापौली
इसराना: जीएसएसएस बुआना लाखू, जीएसएसएस मांडी
मडलौडा: जीएसएसएस नारा, जीएसएसएस सिठाना
पानीपत: जीएसएसएस सिवाह, जीएसएसएस काबड़ी, जीएसएसएस चंदौली
समालखा: जीएसएसएस हथवाला, जीएसएसएस किवाना
वर्जन:
प्रदेश के 250 सरकारी स्कूलों को सीएम एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश स्कूल बनाने की सरकार की पहल सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाई प्रदान करेगी। अंग्रेजी माध्यम और आधुनिक सुविधाओं से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी निजी स्कूलों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।