माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। ड्रेन नंबर-1 परियोजना को समय पर पूरा करने और रास्ते में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए नगर निगम ने अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। निगम प्रशासन ने ड्रेन नंबर-1 के आसपास किए गए अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को हटाने के लिए बेदखली और ध्वस्तीकरण के अंतिम नोटिस जारी कर दिए हैं। कब्जाधारियों को एक सप्ताह के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने का अल्टीमेटम दिया गया है।
नगर निगम ने हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 की धारा 408 के तहत 237 प्रभावित लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। इसके बाद 16 और 17 जुलाई को देवी मंदिर परिसर में विशेष सुनवाई आयोजित की गई। सुनवाई के दौरान तहसीलदार, जिला नगर योजनाकार (डीटीपी), संयुक्त आयुक्त मनीष त्यागी सहित राजस्व विभाग और डीजीपीएस सर्वे टीम के अधिकारियों ने कब्जाधारियों के दावों और आपत्तियों को सुना।
राजस्व रिकॉर्ड और डीजीपीएस सर्वे के आधार पर जांच पूरी होने के बाद अब धारा 408(ए)(2) के तहत बेदखली के अंतिम आदेश जारी कर दिए गए हैं।
समय सीमा के बाद चलेगा ध्वस्तीकरण अभियान : नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एक सप्ताह की समय सीमा समाप्त होने के बाद अवैध निर्माणों को हटाने के लिए बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा। कार्रवाई के दौरान होने वाला प्रशासनिक खर्च भी संबंधित कब्जाधारियों से ही वसूला जाएगा। यदि किसी व्यक्ति के पास अपने पक्ष में कोई अतिरिक्त तथ्य या दस्तावेज हैं तो वह तहसीलदार पानीपत के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है।
ड्रेन के साथ बनेगा पांच किमी लंबा मिनी बाईपास
नगर निगम की योजना के अनुसार ड्रेन नंबर-1 के साथ शहर का मिनी बाईपास विकसित किया जाएगा। यह मार्ग जीटी रोड से शुरू होकर देवी मंदिर, कुटानी रोड, बबैल नाका और सेक्टर-11-12 होते हुए मित्तल मेगा मॉल की सड़क तक जाएगा। इसकी लंबाई करीब पांच किलोमीटर होगी। निगम की ओर से इस क्षेत्र में 227 अवैध कब्जे चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें परियोजना में बाधा माना जा रहा है।
ड्रेन नंबर-1 परियोजना जनहित के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रभावित लोगों को पर्याप्त समय और निष्पक्ष सुनवाई का अवसर दिया जा चुका है। नागरिक कानून का सम्मान करते हुए एक सप्ताह के भीतर स्वयं अवैध कब्जे हटा लें, ताकि अनावश्यक प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके।
-डॉ. पंकज, नगर निगम आयुक्त