कोरेलेटर पैड पर कार्यवाहक सरपंच के हस्ताक्षर करवाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने पर सरपंच,ग्राम सचिव, पंचायत ऑफिसर व दो पंचों पर मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो,
मतलौडा। ग्राम पंचायत के कोरे लेटर पैड पर कार्यवाहक महिला सरपंच के हस्ताक्षर करवाकर ग्राम सचिवों द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर पंचायत के गबन की पूर्ति करने के में अदालत के आदेश पर पुलिस ने बाल जटान सरपंच सरिता देवी, पंचविजय, पंच राजेश,ग्राम सचिव सुमित कुमार व पूर्व ग्राम सचिव एवं हाल पंचायत ऑफिसर इसराना खंड सुरेंद्र सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी करने और साजिश रचने और जाति सूचक शब्द कहने पर मुकदमा दर्ज किया है।
बाल जटान गांव की कार्यवाहक सरपंच रही पंच सुषमा ने कहा कि बाल जटान सरपंच सरिता ने 6.76 लाख रूपये गबन करने और ऑडिट रिपोर्ट में 96.68 लाख रूपये गबन पाए जाने पर उपायुक्त ने सरपंच सरिता कोदो बार सस्पेंड कर दिया था। दोनों बार ही पंच सुषमा को कार्यवाहक सरपंच चुना गया था। इस दौरान सरपंच सरिता ने पंचायत के 13 लाख रूपये के सामान को भी चार्ज में ना देकर खुर्द बुर्द कर दिया था। सरिता ने तत्कालीन ग्राम सचिव सुरेन्द्र सिंह की कार्य शैली की बीडीपीओ से शिकायत कर उसे पंचायत से हटाया गया था। इसके बाद ग्राम सचिव सुमित का रवैया भी ठीक नहीं उसे भी पंचायत से हटवाया गया था। इस दौरान दोनों ग्राम सचिवों ने पंचायत के करीब 15 कोरे लेटर पेड पर कार्यवाहक सरपंच सुषमा के हस्ताक्षर करवा लिए थे और सस्पेंड हुई सरपंच सरिता के समय में गबन किए सामान से बचने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। पंच सुषमा जब इस बारे पता चला और खण्ड कार्यालय शिकायत करने आई तो दोनों ग्राम सचिव ने उसे जाति सूचक गालियां देते हुए कहा कि अगर उनकी शिकायत की तो उसे जान से मार देगें और उनके हस्ताक्षर किए हुए 15-20 कोरे लेटरपैड होने और उसकी के खिलाफ इनका प्रयोग करने की धमकी दी गई। इसके बाद सुषमा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेशों पर आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। इस बारे में मतलौडा थाना प्रभारी संदीप कुमार ने कहा कि अदालत के आदेश पर सरपंच, ग्राम सचिव समेत 5 के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जार ही है।