ठेकेदार ने अपनी मर्जी से सड़क बनाई तो बारिश में भरा पानी
थर्मल। बिजली बोर्ड कर्मचारी परिषद की थर्मल यूनिट ने पानीपत थर्मल प्लांट प्रशासन पर ठेकेदारों की मनमानी से चलाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि इसका खामियाजा थर्मलकर्मी भुगत रहे हैं। हालात इतने खराब है कि शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।
बिजली बोर्ड कर्मचारी परिषद के थर्मल यूनिट प्रधान राममेहर सैनी के बताया कि पानीपत थर्मल प्लांट की आवासीय कॉलोनी के तीन गेटों की सुरक्षा का जिम्मा सुरक्षा एजेंसी को 24 लाख रुपये प्रतिमाह के रूप में दिया जाता है। उसके बाद भी गेट नंबर दो और तीन को किसी कारण बंद किया गया। जब गेट बंद ही रखने है तो इतनी भारी भरकम राशि खर्च करने की जरूरत नहीं है। दूसरी ओर थर्मल में सफाई का ठेका दिया गया है। उसके बाद भी कॉलोनी में गंदगी फैली हुई है। ठेकेदार और उसके कर्मी सिर्फ अधिकारियों के आवासों के पास ही सफाई करते हैं। कॉलोनी में इस समय भी जलभराव है। कॉलोनी में ठेकेदार ने अपनी मनमर्जी से सड़क ऊंची बना दी है। इस कारण जगह-जगह गंदे पानी का ठहराव हो गया। बार-बार शिकायत के बाद भी थर्मल प्रशासन का इस और कोई ध्यान नहीं है। इस बारे में थर्मल के सिविल विभाग के एसई वीके चावला ने बताया कि दिन के समय गेट खुले रहते हैं। रात के समय दो गेट बंद कर एक नंबर गेट खुला रहता है। ये सब कर्मियों और उसने परिजनों की सुरक्षा के लिए ही किया जाता है। अन्य दो मामलो की जांच कराई जाएगी।