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जीटी रोड पर पुलिस बल तैनात, भाकियू रेलवे ट्रैक पर बैठी

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जीटी रोड पर पुलिस बल तैनात, भाकियू रेलवे ट्रैक पर बैठी
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- सूचना लगते ही प्रशासन व पुलिस के छूटे पसीने, जीआरपी प्रभारी बाद में पहुंचे

अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन ने दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर स्वामीनाथन आयोग रिपोर्ट लागू करने की मांग की और एमपी के मंदसौर में पुलिस द्वारा किसान पर गोली चलाने की निंदा की। भाकियू द्वारा रेलवे ट्रैक पर बैठने की सूचना मिलते ही प्रशासन व पुलिस के पसीने छूट गए। चार प्रशासनिक अधिकारी व दो डीएसपी भारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और रेलवे ट्रैक पर भाकियू का ज्ञापन लेकर उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया। जीआरपी प्रभारी किसानों के वापस जाने के बाद मौके पर पहुंचे। इससे पहले जीआरपी के पेट्रोलिंग अधिकारी सूचना मिलते ही पहुंच तो गए, लेकिन वे पीछे खड़े रहे। जबकि जीटी रोड पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। भाकियू ने इस दौरान सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
भारतीय किसान यूनियन के प्रधान जयकरण कादियान व उप प्रधान बिंटू मलिक की अगुवाई में किसान शुक्रवार को दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर दोपहर करीब 1:23 बजे पहुंच गए। यूनियन नेताओं ने पांच मिनट रेलवे ट्रैक पर रोष प्रकट कर प्रशासनिक अधिकारियों के मार्फत मुख्यमंत्री को अपना ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादे अनुसार स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करें। मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों पर गोली चलाने वाले अधिकारियों व कर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। किसान व मजदूर को कर्ज मुक्त किया जाए। किसानों को धान के सीजन में 24 घंटे बिजली दी जाएं और खेतों के फुंके ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदला जाए। इस मौके पर बापौली ब्लाक प्रधान सुंदरपाल, आजाद सिंह मलिक, रामसरूप, हरपाल, ईश्वर सिंह व गोरधन सिंह मौजूद रहे।
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पुलिस और प्रशासन दौड़ा
भाकियू ने दोपहर को एक साथ दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक बंद करने का फैसला लिया, जबकि जीटी रोड पर पूरा दिन पुलिस बल तैनात रहा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में गश्त करते रहे। भाकियू के ट्रैक पर बैठने की सूचना मिलते ही थाना मॉडल टाउन प्रभारी अमित कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने भाकियू को ट्रैक पर जाने से रोका, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। इसी समय नायब तहसीलदार सुमन, डीएसपी मुख्यालय जगदीप दूहन, डीएसपी आत्माराम मौके पर पहुंचे। इसी बीच एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी, तहसीलदार जिवेंद्र मलिक व बीडीपीओ अशोक छिक्कारा किसान भवन में पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने भाकियू पदाधिकारियों को शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं खुफिया विभाग के अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंचे।

जीआरपी को कानों कान खबर नहीं, प्रभारी जाने के बाद पहुंचे
भारतीय किसान यूनियन रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई, लेकिन जीआरपी को इसकी कानों कान खबर नहीं लगी। जिला पुलिस द्वारा सूचना देने पर जीआरपी की आंखें खुली। पेट्रोलिंग इंस्पेक्टर दो पुलिसकर्मियों को साथ लेकर असंध रोड के नीचे ट्रैक पर पहुंचे। इनमें से एक पुलिसकर्मी थाना प्रभारी को फोन कर मामले के बारे में जानकारी देता रहा। जीआरपी प्रभारी बृजपाल राणा काफी देर बाद पहुंचे। तब तक किसान यूनियन के पदाधिकारी अपना ज्ञापन सौंपकर वापस चले गए थे।
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जीटी रोड समेत कई रूटों की बसें रही बंद
भारतीय किसान यूनियन के जीटी रोड व अन्य मार्गों पर जुटने के आह्वान पर शुक्रवार को नेशनल हाईवे-नंबर-वन को अंबाला में बंद कर दिया और रोहतक, जींद व हिसार में रोड जाम कर दिए। पानीपत डिपो से इस तरफ बस नहीं जा सकी। जिसके चलते दैनिक व दूसरे यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए बस नहीं मिल पाई। ऐसे में यात्रियों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा।
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