माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की रिफाइनरी के गोदाम से 2100 किग्रा कैटलिस्ट चोरी कर लिया गया। सीआईएसएफ की टीम की सूचना पर गोदाम में जांच की तो चोरी का खुलासा हुआ। रिफाइनरी के अधिकारियों ने गोदाम में काम करने वाले ठेकेदार के श्रमिक और सप्लाई में लगे वाहनों के चालकों पर शक जाहिर किया है।
सदर थाना प्रभारी गुलशन ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में रिफाइनरी के सीनियर मटेरियल टेक्निकल असिस्टेंट पंकज ने सदर थाने में शिकायत देकर बताया था कि 14 जुलाई को रिफाइनरी की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के अधिकारियों ने सूचना दी कि डीसीयू पास वायटावर से कैटलिस्ट चोरी हुआ। जिसका बोरा रिफाइनरी के अंदर से ही बरामद किया गया। सूचना के बाद टीएस व मटेरियल विभाग की संयुक्त टीम ने गोदाम में कैटलिस्ट की जांच की। जांच में पाया कि कुछ ड्रम की सील टूटी हुई थी।
अलग-अलग ड्रम का वजन किया गया तो करीब 2100 किग्रा कैटलिस्ट कम मिला। उन्हें शक है कि गोदाम में काम करने वाले ठेका मजदूर या सप्लाई की गाड़ी चलाने वाले चालकों व परिचालकों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।
कैटलिस्ट को जानें
रिफाइनरी में कैटलिस्ट (उत्प्रेरक) कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल जैसे हल्के और उपयोगी उत्पादों में तोड़ने (क्रैकिंग), उनकी गुणवत्ता सुधारने और सल्फर जैसी अशुद्धियां हटाने की रासायनिक प्रक्रिया को तेज करता है। यह भारी कच्चे तेल को तोड़ कर पेट्रोल, डीजल में बदलता है। ईंधन से पर्यावरण के लिए हानिकारक सल्फर और नाइट्रोजन को अलग करने व ईंधन की गुणवत्ता और ज्वलन क्षमता को बेहतर करने काम में लिया जाता है।
15 दिन पहले डीजल चोरी का हुआ था खुलासा
रिफाइनरी में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। 15 दिन पहले ही रिफाइनरी में डीजल चोरी का खुलासा
हुआ था। रिफाइनरी के ऑटोमेशन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ कर टैंक को जानबूझकर ओवरफिल किया जा रहा था, जिससे अतिरिक्त डीजल अवैध रूप से निकाला जा सके। इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।