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आबकारी और मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की कारवाई में 21 लीटर कच्ची शराब, 35 लीटर लाहण बरामद

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अवैध रूप से कच्ची शराब बनाए जाने के लिए बदनाम यमुना की तलहटी में बसे कुछ गांवों में सोमवार रात आबकारी एवं मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने पुलिस विभाग के साथ मिलकर कार्रवाई की। संयुक्त टीम ने यमुना तलहटी के गांव राकसेड़ा और सिंबलगढ़ में कार्रवाई करते हुए 21 लीटर कच्ची शराब और 35 लीटर लाहन बरामद किया। एईटीओ पानीपत की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में एईटीओ पानीपत मोहित कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़न दस्ते को समालखा के यमुना किनारे बसे दो गांवों में कच्ची शराब बनाए जाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद सीएम उड़नदस्ते और आबकारी विभाग पानीपत की संयुक्त टीम ने सिंबलगढ़ में दबिश दी। जहां चमन सिंह के घर की तलाशी लेने पर प्लास्टिक के ड्रम में करीब 2 लीटर कच्ची शराब मिली। उसके बाद गांव के ही मक्खन सिंह के यहां छापा मारकर सफेद केन में करीब एक लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। वहीं गांव राकसेड़ा में जोगिंद्र सिंह के घर तलाशी लेने पर रसोई में प्लास्टिक की बोतलों में करीब चार लीटर और राकसेड़ा के ही काला सिंह के घर से करीब सात लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। गांव के अनूप सिंह और मुलक सिंह घर तलाशी लेने पर पशुबाड़े से कच्ची शराब तैयार करने में प्रयोग किए जाना वाला करीब 35 लीटर लाहन और चार लीटर कच्ची शराब बरामद की गई। इसके उपरांत गांव के ही मुलक सिंह घर तलाशी लेने पर तीन लीटर कच्ची शराब मिली।
कच्ची शराब और नशे के लिए बदनाम है यमुना तलहटी के कुछ गांव
क्षेत्र के कुछ गांव सिंबलगढ़, राकसेड़ा, बसाड़ा आदि कच्ची शराब और नशे के लिए बदनाम हैं। यहां पर कच्ची शराब निकालने के साथ ही अवैध रूप से बेची भी जाती है। साथ ही यहां विभिन्न तरह के नशा तस्करों ने भी पांव पसार लिए हैं। इसको लेकर उक्त गांवों में ठोस कार्रवाई करने के लिए समय-समय पर गांवों के लोगों की ओर से मांग उठाई जाती रही है।
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