पानीपत। भाजपा में मेयर पदक के लिए दावेदारों की सूची लंबी हो गई है। अभी दो दिन में 21 लोगों ने मेयर के लिए आवेदन किया है। छोटी टोली (जिला स्तरीय कमेटी) ने शनिवार को आवेदनों की छंटनी की। इस दौरान कई आवेदनों पर गंभीरता से चर्चा की गई। छंटनी के बाद करीब दस प्रमुख नाम प्रदेश कार्यकारिणी के पास भेजे गए हैं। प्रदेश कार्यकारिणी इन नामों पर अपनी राय देगी।
जानकारी के अनुसार भाजपा केंद्र और प्रदेश में सरकार बनाने के बाद अब शहर की सरकार में भी कमल खिलाने के प्रयास में है। भाजपा अब तक चुप बैठी कांग्रेस के सामने मजबूत उम्मीदवार मैदान में उतार रही है। इसके लिए छह और सात फरवरी को मेयर और पार्षद पद के लिए आवेदन मांगे गए। मेयर पद के लिए 21 लोगों ने आवेदन किए हैं। इनमें पहले दिन नौ लोगों ने आवेदन किए, जबकि दूसरे दिन सबसे अधिक 12 आवेदन आए। वहीं 26 वार्ड में पार्षद पद के लिए 219 आवेदन आए हैं। यानी प्रत्येक वार्ड में औसतन आठ लोगों ने टिकट के लिए दावा जताया है। बता दें कि नगर निगम पानीपत का कार्यकाल जनवरी 2024 में पूरा हो चुका है। इसलिए पिछले कई दिनों से निगम चुनाव के लिए तैयारी की जा रही है। पानीपत निगम में इस बार नई वार्डबंदी की गई है। इसमें पानीपत शहरी क्षेत्र में 14 और ग्रामीण विस क्षेत्र में 12 वार्ड हैं। अब मतदाता सूची पर अंतिम दावे और आपत्तियों का हल किया जा रहा है।
संघ और पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं के नाम ऊपर
भाजपा में 21 लोगों ने अपनी दावेदारी जताई है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, पूर्व सांसद संजय भाटिया, प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता, जिला प्रभारी अशोक गुर्जर और जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट को छोटी टोली में शामिल किया है। इसमें नामों की छंटनी कर प्रदेश कार्यकारिणी को दी गई। जानकारों की माने तो पूर्व पार्षद लोकेश नांगरू, नवीन भाटिया, गजेंद्र सलूजा, संजय अग्रवाल, अवनीत कौर, कोमल सैनी, गौरव गोयल, राजीव जैन के अलावा सीमा सैनी नाम प्रमुखता के साथ चल रहे हैं। लोकेश नांगरू दो बार पार्षद रह चुके हैं और संघ की पृष्ठभूमि से हैं। नवीन भाटिया वरिष्ठ नेता नीतिसेन भाटिया के भतीजे हैं। गजेंद्र सलूजा केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के संसदीय कार्यालय के प्रतिनिधि हैं। संजय अग्रवाल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने 2014 का विधानसभा चुनाव पानीपत शहरी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। अवनीत कौर ने 2019 के मेयर चुनाव में जीत दर्ज की थी। कोमल सैनी वार्ड-11 की पार्षद रही हैं। उनके ससुर रामकुमार सैनी सीएम के नजदीकी बताए गए हैं। सीमा सैनी 2019 में पूर्व सांसद राजकुमार सैनी की पार्टी के टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ चुकी हैं। गौरव गोयल और राजीव जैन भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। राजीव जैन शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के नजदीकी बताए हैं।
पानीपत को मिलेगा चौथा मेयर
पानीपत को 2010 में नगर परिषद से नगर निगम बनाया गया था। 2013-14 में पहला नगर निगम का पहला चुनाव कराया था। भूपेंद्र सिंह, शहर के पहले मेयर बने थे। कांग्रेस समर्थित सुरेश वर्मा उनके खिलाफ अविश्वास लाकर दूसरे मेयर बने थे। 2019 में भूपेंद्र सिंह की सुपुत्री अवनीत कौर को भाजपा ने मेयर के लिए मैदान में उतारा था। अवनीत कौर 74940 वोटों से जीतकर मेयर बनी थी। उनको 1,26,321 वोट मिले थे। इस पानीपत नगर निगम को चौथा मेयर मिलेगा। मेयर की कुर्सी इस सामान्य वर्ग की है।