पानीपत। वेस्ट होटल की जगह पर अवैध निर्माण करने के आरोपियों ने नगर निगम अधिकारियों पर नक्शे की फाइलें गुम करने के आरोप लगाए हैं। दुकानों के मालिकों का आरोप है कि नगर निगम अधिकारियों ने उनकी 37 दुकानों के नक्शों की फाइल गुम कर दी और अब उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेताओं के इशारे पर यह कार्रवाई की जा रही है। उनके पास सभी प्रकार के कागजात पूरे हैं, इसके बाद भी प्रशासन ने उन्हें निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए हैं।
जीरकपुर के अशोक कुमार गोयल ने स्काई लार्क रिसोर्ट में प्रेसवार्ता में कहा कि नगर निगम प्रशासन कुछ नेताओं के दबाव में उनकी दुकानें नहीं बनाने दे रहा है। जबकि 2013 में 105 लोगों ने वेस्ट होटल की जमीन पर दुकानों की जगह खरीदी थी। उस समय जमीन बेचने वाले सक्सेना परिवार ने उन्हें एक नक्शा भी दिया था। जिसमें काटी गई मार्केट में 1500 वर्ग गज भूमि में सार्वजनिक पार्किंग स्थल छोड़ा गया था। अब दुकानें बेचने वालों ने पार्किंग स्थल की जमीन हड़पने के लिए प्रभावशाली राजनीतिक लोगों से मिलकर अवैध रूप से एक होटल बना लिया है। गोयल ने बताया कि करीब 100 लोगों ने 40-40 वर्ग गज की दुकानें 18-18 लाख रुपये में खरीदी थी। जिनकी रजिस्ट्री भी कस्टोडियन भूमि होने के कारण तहसीलदार ने की थी। नगर निगम ने विकास शुल्क लेकर एनओसी भी दे दी गई थी। 37 दुकानों के नक्शे पास करवाने के लिए निगम में फाइलें जमा करवाई गई थीं। नगर के अधिकारियों ने उनका नक्शा पास करना तो दूर उल्टा उनकी फाइलें ही गायब कर दीं। नगर के अधिकारी उनके नक्शे पास करते नहीं हैं, अगर व दुकानें बनाते हैं तो वह उन्हें गिराने आ जाते हैं। गोयल ने कहा कि वह जल्द मामले की शिकायत डीसी सुमेधा कटारिया से करेंगे। इस मौके पर उनके साथ देवेंद्र चौहान, राजेश निवासी सेक्टर 13-17, यशपाल व राजवंती मौजूद रहे।