पानीपत। सनौली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ब्लड प्रेशर बढ़ने पर एक मरीज को एमआरआई के लिए बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित प्रेम अस्पताल में रेफर कर दिया गया। वहां जैसे ही अस्पताल के स्टाफ ने मरीज को एमआरआई मशीन पर लिटाया, उसे अचानक दौरा पड़ गया और दिमाग की नस फट गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर आरोप लगाया कि एमआरआई मशीन से मरीज पर अधिक प्रेशर डाला गया, जिससे दौरा पड़ा और उसके दिमाग की नस फट गई। परिजनों ने ये आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इसके पश्चात अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत किया।
मस्ताना चौक निवासी परिजनों ने बताया कि उन्होंने 62 वर्षीय सीताराम को ब्लड प्रेशर बढ़ने पर हैदराबादी अस्पताल में दाखिल कराया था। वहां से डॉक्टरों ने एमआरआई के लिए उन्हें प्रेम अस्पताल में रेफर कर दिया। इस वक्त तक सीताराम की हालत बिल्कुल सामान्य थी। उनसे प्रेम अस्पताल के स्टाफ ने 5700 रुपये एमआरआई के लिए। सीताराम को एमआरआई के लिए रूम में ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ ने एमआरआई मशीन से अधिक प्रेशर उन पर डाल दिया, जिससे उनको दौरा पड़ गया और उनके दिमाग की नस फट गई। जब उन्होंने डॉक्टरों से इसका कारण पूछा तो स्टाफ ने उसके साथ गाली-गलौज व बदतमीजी की। इसके अलावा उनको धक्के मारे गए।
डॉ. अभिनव का कहना है कि मरीज को अचानक दौरा पड़ा था, जिस कारण उसके दिमाग की नस फटी है। फिलहाल मरीज को ऑक्सीजन दी जा रही है। इस पूरे मामले में उनकी व उनके स्टाफ की कोई गलती नहीं है। मरीज के परिजनों ने उनके साथ बदतमीजी की और स्ट्रेचर भी तोड़ दिया। उन पर अनावश्यक दबाव बनाया गया है, फिलहाल मरीज का इलाज चल रहा है। परिजनों ने बेवजह अस्पताल में हंगामा किया है।
मामले की सूचना नहीं है। मामले में जो भी शिकायत मिलती है उसकी जांच होगी। जांच में जो भी सामने आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन पानीपत।