माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की विशेष पॉक्सो एक्ट फास्ट ट्रैक कोर्ट ने किशोरी से दुष्कर्म के दोषी कमलेश चौधरी को दोषी करार दिया है। मंगलवार को अदालत ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 55 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
उप जिला न्यायवादी मुकेश रंगा ने बताया कि 11 अगस्त 2023 को एक महिला ने थाना सदर पानीपत में एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला का कहना था कि उसकी बेटी जिसकी उम्र करीब 16 साल है, ने हाईस्कूल पास किया था। कई दिन से उसके पेट में दर्द हो रहा था। जब वह उसे लेकर चिकित्सक के पास पहुंची तो पता चला कि वह दो माह की गर्भवती है। जिसके बाद किशोरी से बात की तो उसने बताया कि पड़ोस में रहने वाले मध्य प्रदेश के सतना जिले के रहने वाले कमलेश चौधरी ने उसके साथ गलत काम किया है। किसी को बताने की धमकी देकर उसने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने तुरंत आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। किशोरी का मेडिकल कराकर उसके अदालत के सामने बयान दर्ज कराए गए थे। साथ ही बाल कल्याण समिति के सामने पेश कर उसकी काउंसिलिंग भी कराई गई थी। साथ ही चिकित्सकों की सलाह पर किशोरी का गर्भपात कराकर डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे।
इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाह, डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। गवाहों की गवाही और पत्रावली पर आए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी कमेलश चौधरी को दोषी करार दिया है। दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 55 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। काउंसिलिंग में पीड़िता ने बताया था कि आरोपी उनके घर के पास ही रहता था। उसकी शादी हो चुकी थी और एक बच्चा भी था। बच्चे को खिलाने के बहाने वह उसे बुलाता था और जबरन उसके साथ गलत काम करता था।