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दलितों ने पूरी रणनीति के तहत शहर में तीन जगह साढ़े 4 घंटे लगाए रखा जाम, प्रशासन इधर से उधर दौड़ता रहा

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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के संशोधन के फैसले के विरोध में सोमवार को दलित पालिका बाजार के पार्किंग स्थल पर एकत्र हुए। वहीं पूर्व विधायक राजरानी पूनम, साहित्यकार प्रेम चंद पुहाल, प्राण रत्नाकर आदि के नेतृत्व में अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए जुलूस के रूप में पानीपत के लघु सचिवालय पर पहुंचे। लघु सचिवालय पर प्रदर्शन करने के दौरान आंदोलनकारी दलितों ने दोपहर करीब 12 बजे जीटी रोड की सोनीपत व करनाल जाने वाली लेनों पर बैठ गए और पल भर में जीटी रोड पर यातायात जाम हो गया। आंदोलनकारी रणनीति के तहत तीन गुटों में बट गए। पहला जाम बस स्टेंड के सामने लगाया गया था। दूसरा गुट लघु सचिवालय के सामने जीटी रोड पर बैठ गया। तीसरे गुट ने एलिवेटिड हाइवे जाम करने के लिए नत्थू स्वीट्स के सामने जाम लगा दिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी इधर से उधर दौड़ते ही नजर आए।
दलित नेताओं के आग्रह पर रविवार को ही शहर के 33 बाजारों की पानीपत संयुक्त बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मदान ने पानीपत के सभी बाजार सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक बंद रखने की घोषणा कर दी और घोषणा के अनुरूप सोमवार को पानीपत के सभी बाजार पूरी तरह से बंद रहे। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी और गुप्तचर विंग भी रविवार की रात को दलित नेताओं के संपर्क में रहे।
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इधर, पानीपत सिटी में जीटी रोड व ऐलिवेटेड हाईवे पर जाम लगने की जानकारी मिलने के बाद उपायुक्त सुमेधा कटारिया, पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा लघु सचिवालय के सामने आंदोलनकारियों से बातचीत के लिए पहुंचे। वहीं शुरुआती बातचीत में आंदोलनकारी जीटी रोड व ऐलिवेटेड हाईवे से जाम हटाने पर राजी हो गए। इस बीच आंदोलनकारियों की भीड ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और दलित नेताओं ने जाम खोलने से इनकार कर दिया। एएसपी चंद्र मोहन व एसडीएम विवेक चौधरी जाम खुलने वाले के लिए ऐलिवेटेड हाईवे पहुंचे। यहां पर दलितों ने एसडीए विवेक चौधरी को ज्ञापन सौंपा। वहीं दलित आंदोलनकारियों ने ऐलिवेटेड हाइवे पर यातायात जाम खोने से साफ इंकार कर दिया। इधर, पानीपत में ऐलिवेटेड हाईवे व जीटी रोड पर यातायात जाम होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया। जीटी रोड पर आवागमन कर रहे हजारों वाहनों में सवार यात्री परेशान हो गए। वहीं पुलिस ने पानीपत में जीटी रोड पर करनाल व सोनीपत की ओर से आवागमन करने वाले छोटे वाहनों का पानीपत के ग्रामीण अंचल के लिंक मार्गों से आवागमन करवाया। बडे़ वाहन सड़क पर ही खडे़ रहे।

पुलिस ने वाहनों को यहां से किया डायवर्ट
पुलिस ने उत्तर प्रदेश की ओर से आने वाले यातायात को पूरी तरह से बापौली-समालखा-जीटी रोड, छाजपुर बाइक पास से जीटी रोड, रोहतक व जींद की ओर से आने वाले यातायात को रिफाइनरी बाइपास, जीटी रोड-छाजपुर बाईपास डाइवर्ट कर दिया। इधर, दोपहर दो बजे पानीपत में शिक्षण संस्थाओं की छुट्टी हो गई। टीचर बच्चों को बसों में सवार कर विद्यार्थियों को घर तक छोड़ कर आए।
जीटी रोड व ऐलिवेटेड हाईवे पर दलित आंदोलन डटे हुए थे और वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप था। इधर, दलित आंदोलन के चलते प्रशासन ने जिला भर में सरकारी व सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस दुकानदारों व नागरिकों को भी अलर्ट कर रही है। जबकि प्रशासनिक अधिकारी जाम खुलवाने के लिए दलित नेताओं से संपर्क साधे हुए थे। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के कडे़ प्रयास के चलते शाम करीब साढे़ चार बजे दलित नेता मान गए। दोपहर करीब 12 बजे जीटी रोड व ऐलिवेटेड हाईवे पर लगाया गया जाम दलितों ने साढ़े चार बजे खोल दिया। इसके बाद पानीपत की जीटी रोड व एलिवेटेड हाईवे पर यातायात सुचारु हो गया। उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने दलित आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को केंद्र व प्रदेश सरकार को अवगत करवाया जाएगा।
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सिविल अस्पताल में हुई मात्र 250 ओपीडी अस्पताल
दलित आंदोलन का बड़ा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। यातायात बाधित होने के कारण मरीज इलाज के लिए सिविल अस्पताल नहीं पहुंच पाए। आमतौर पर सिविल अस्पताल में 650- 750 ओपीडी होती है, लेकिन सोमवार को ओपीडी मात्र 250 ही हो सकी।



फोटो संख्या 18 से 35

शहर में साढ़े 4 घंटे लगाए रखा जाम, चक्करघिन्नी बना रहा प्रशासन
-मधुबन से मात्र 100 पुलिस जवानों को बुलाया गया था, पुलिस ने आंदोलन को हलके में लिया
पानीपत में जीटी रोड पर साढे़ चार घंटे जाम रखा, जीटी रोड व एलिवेटेड हाईवे पर वाहनों का रहा लंबा जाम
-डीसी व एसपी की एक नहीं सुनी, 4 बार की आंदोलनकारियों को मनाने की कोशिश नाकाम
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