हाईकोर्ट के आदेशों की पालना न करने का लगाया आरोप
पाथरी गांव में विवादित मंदिर की जमीन का मामला, थाना प्रभारी बोले - पुलिस ने लिया है कब्जे में मंदिर
मतलौडा। पाथरी गांव में शितला माता मंदिर के पास विवादित जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच चल रही खिंचतान का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने मामले पर सुनाई करते हुए एसडीएम कोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए स्टे आर्डर जारी किया है। लेकिन शिकायतकर्ता पुलिस पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट के आदेश लागू करने में आना कानी करने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता संजय कुमार व संजीत कुमार ने आरोप लगाते हुए बताया कि एसडीएम पानीपत कोर्ट ने 6 नवंबर 2018 को इस विवादित जमीन पर धारा 145-146 लगाते हुए इसराना तहसीलदार को सुपरदार नियुक्त किया था। इस जमीन पर दोनों पक्षों के घुसने पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद उन्होने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपिल की। हाईकोर्ट ने 27 फरवरी को मामले की सुनवाई कर आगामी आदेश तक एसडीएम कोर्ट के 6 नवंबर के फैसले के खिलाफ स्टे आर्डर जारी कर रोक लगा दी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के स्टेआर्डर को उन्होंने मतलौडा एसएचओ को दिए। लेकिन इसके बाद भी दूसरा पक्ष इस जमीन पर बने मंदिर में विराजमान है। लेकिन पुलिस दूसरे पक्ष से मिलीभगत करके कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
इस संबंध में मतलौडा थाना प्रभारी मोहनलाल ने कहा कि हाईकोर्ट ने सुपरदार तहसीलदार की सुपरविजनपर रोक लगाई है। विवादित जमीन पर दोनों पक्षों के घुसने पर पाबंधी लगाई हुई है। मंदिर पुलिस के कब्जे में है।