लाल पैथ लैब ने स्वाइन फ्लू नेगेटिव को पॉजिटिव बताएं, डिप्टी सिविल सर्जन ने निजी डॉक्टरों की मीटिंग लेकर लगाई फटकार, 2 को नोटिस जारी
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
स्वाइन फ्लू स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई। इस साल जिले में स्वाइन फ्लू के दो पॉजीटिव मामले सामने आ चुके हैं, जबकि एक संदिग्ध मरीज की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर लाल पैथ लैब व निजी अस्पताल स्वाइन फ्लू के नाम पर लोगों में भय का माहौल भी पैदा कर रहे हैं। एक लाल पैैथ द्वारा तीन दिन पहले एक मरीज को स्वाइन फ्लू का पॉजीटिव मरीज घोषित कर दिया था। जब स्वास्थ्य विभाग ने उस मरीज के सैंपल की दोबारा जांच कराई तो मरीज को साधारण जुकाम व खांसी थी। मरीज के सैंपल असंध रोड के पास स्थित एक निजी अस्पताल ने भेजे थे। मरीज की रिपोर्ट स्वाइन फ्लू नेगेटिव मिलने के बाद नोडल ऑफिसर डॉ. शशि गर्ग ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में बात की और तत्काल बैठक बुला ली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लाल पैथ संचालक व निजी अस्पताल के डॉक्टरों को जमकर फटकार लगाई और भविष्य में सैंपल जांच करने से पहले स्वास्थ्य विभाग से परमिशन लेने के निर्देश दे दिए। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल व लाल पैथ लैब को लिखित में कारण बताओ नोटिस दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश जारी कर दिए है कि जो भी निजी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू का संदिग्ध मरीज आएगा पहले निजी अस्पतालों को इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। उसके स्वाइन फ्लू के टेस्ट से पहले उसके सैंपल स्वास्थ्य विभाग को देने होंगे। टेस्ट में जो भी रिपोर्ट आएगी वो स्वास्थ्य विभाग के पास भेजनी होगी। अगर निजी अस्पताल विभाग को गलत रिपोर्ट देते हैं तो डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसकी शिकायत मेडिकल काऊंसिल को की जाएगी।
अदियाना गांव के युवक को दी थी गलत रिपोर्ट:
तीन दिन पहले अदियाना गांव का 19 वर्षीय छात्र खांसी, जुकाम व बुखार से पीड़ित था। वो इलाज के लिए असंध रोड स्थित एक निजी अस्पताल में गया था। अस्पताल ने लाल पैथ लैब में उसकी जांच की। जांच में युवक को स्वाइन फ्लू का पॉजीटिव मरीज बताया गया। जब स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में ये मामला आया तो उन्होंने युवक की जांच अपनी लैब में की। यहां पर युवक स्वाइन फ्लू का नेगेटिव मरीज मिला था। इसलिए लोगों में स्वाइन फ्लू का भय ना फैले स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल संचालकों व लाल पैथ लैब वालों की तत्काल मीटिंग बुला ली।
डेंगू का भय फैलाने पर भी निजी अस्पतालों को जारी किए गए थे नोटिस:
डेंगू के सीजन में भी आमतौर पर निजी अस्पतालों पर डेंगू का टैरर फैलाने के आरोप लगे हैं। निजी अस्पताल जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या एक हजार से उपर बताते रहे। स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी करते हुए निजी अस्पतालों से सभी मरीजों की स्लाइड जमा कराने के निर्देश दिए थे। जांच में पाया गया कि दो निजी अस्पताल मरीजों को झूठी रिपोर्ट दे रहे थे। विभाग ने ऐसे में दो निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर दिया था।
अब तक स्वाइन फ्लू के दो मरीज मिले पॉजीटिव:
अब तक जिले में स्वाइन फ्लू के दो मरीज पॉजीटिव मिले हैं। जबकि 18 मरीजों के सैंपल भेजे जा चुके हैं। इनमें से एक युवक शहर था, जबकि दूसरा मरीज सिविल अस्पताल की ही एक महिला डॉक्टर थी। दोनों मरीज अब पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं।
इंफल्यूंजा वायरल के लक्षण:
बुखार के साथ बहती नाक
-खांसी और गले में खराश
-सांस लेने में कठिनाई
-जोड़ो व सिर में दर्द
-थकावट व सर्दी लगना
-दस्त और उल्टी लगना
-थूक के साथ खून आना।
ऐसे करें बचाव:
-हाथ मिलाने और गले मिलने के बजाए नमस्ते बोलें।
-खांसते तथा छींकते समय अपने मुंह व नाक को रूमाल से ढके।
-अपने नाक, कान व मुंह को छूने से पहले व बाद में हाथ को साबून से धोए।
-भीड़ भाड़ क्षेत्रों में जाने से बचें।
-अधिक से अधिक पानी पिये।
स्वाइन फ्लू का भय बनाने वालों को नहीं बख्सेंगे: डॉ. गर्ग
सभी निजी अस्पताल व लाल पैथ लैब संचालकों की आपातकाल बैठक ली गई है। तीन दिन पहले एक निजी अस्पताल व लाल पैथ लैब ने एक युवक को स्वाइन फ्लू का पॉजीटिव मरीज करार दिया था। अब पूछताछ में लैब ने स्वयं मान लिया है कि वो मरीज नेगेटिव था। लैब व अस्पताल को नोटिस भेजा गया है। मीटिंग में सभी को कड़े निर्देश दे दिए गए हैं। सैंपल लेने से पहले निजी अस्पतालों को उन्हें सूचना देनी होगी बाद में रिपोर्ट भी सबमिट करानी होगी।
डॉ. शशि गर्ग, डिप्टी सिविल सर्जन व नोडल ऑफिसर स्वाइन फ्लू, पानीपत।