डीएसपी नरेश अहलावत की अग्रिम जमानत मंजूर
पानीपत। सात करोड़ रुपये की ठगी प्रकरण में फरार महिला का साथ देने के मामले में फंसे डीएसपी नरेश अहलावत की अग्रिम जमानत को मंजूर कर दी। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने डीएसपी नरेश अहलावत को हाईकोर्ट ने अंतरिम अग्रिम जमानत दी है। साथ ही कोर्ट ने अगली तारीख 1 नवंबर की दी है। गौरतलब है कि थाना शहर में धारा 120बी, 166, 174 ए, 218, 221 आईपीसी में दर्ज मुकदमे में अहलावत के वकील ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इससे पहले हरियाणा के डीजीपी ने इस केस को पानीपत पुलिस से लेकर हरियाणा क्राइम ब्यूरो को सौंप चुके हैं।
किशोरी से छेड़छाड़ के आरोपी की मदद करने का भी आरोपी डीएसपी नरेश अहलावत पर लगा था। इस मामले के आठ दिन बाद ही 20 सितम्बर को यह मामले सामने आ गया था। 7 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में 8 साल से फरार जिस महिला को सुप्रीम कोर्ट ने भी अग्रिम जमानत नहीं दी थी उसे केस में जांच अधिकारी डीएसपी की लापरवाही से दो घंटे में ही लोअर कोर्ट से जमानत मिल गई थी। आरोपी महिला ने लोअर कोर्ट में समर्पण किया था। डीएसपी वहीं मौजूद थे। उन्होंने महिला को जांच में शामिल करने के बाद न तो आरोपी महिला का पुलिस रिमांड मांगा, न ही उसे जेल भेजने की सिफारिश की थी। इस मामले में सिटी थाने में डीएसपी और महिला पर केस दर्ज कराया गया था। इस प्रकरण में शुक्रवार को नरेश अहलावत के बचाव पक्ष के वकील ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। शुक्रवार को ही दो घंटे बहस हुई थी। बचाव पक्ष ने डीएसपी को निर्दोष साबित करने का दावा किया था मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायधीश पीके लाल की कोर्ट में फैसला सुनाया जाना था। तभी वहां थर्मल से रिटायर्ड सिविल इंजीनियर आरपी शर्मा पहुंचे। बताया कि वह नितिन शर्मा के पिता है। उनके पक्ष में कोई वकील नहीं आया तो खुद ही बेटे के लिए पैरवी करने आए हैं। जज ने उन्हें प्राथमिकता दी। डीएसपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
दस साल पहले दर्ज हुआ था केस
मॉडल टाउन में रहने वाले नितिन शर्मा पुत्र रामपाल शर्मा ने एडीजीपी को शिकायत दी कि 28 जुलाई 2010 को मॉडल टाउन थाने में ठगी व अन्य धाराओं में एक केस दर्ज हुआ था। केस में नितिन समेत 4 आरोपी थे। नितिन शर्मा समेत 3 आरोपी जमानत पर है। तीनों का पुलिस ने चालान भी न्यायालय में दे दिया। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। नितिन को सुप्रीम कोर्ट से दो साल जेल में रहने के बाद जमानत मिली। चौथी आरोपी पूनम पुरी पुत्री जगदीश लाल निवासी सतकरतार कॉलोनी है। 10 अक्टूबर 2016 से भगोड़ी घोषित है। केस एचपीसीएल के सीनियर रीजनल मैनेजर संजय कौशिक ने दर्ज कराया था। पूनम इसकी मुख्य आरोपी है। उसने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी जो खारिज हो गई।