अमर उजाला ब्यूरो
समालखा।
कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे कम आयु में सोने पर निशाना लगाने वाले करनाल निवासी अनीश भनवाला का रविवार को समालखा स्थित गांव पावटी में अपने मामा के यहां पहुंचने पर लोगों ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीणों व महिलाओं ने जीवन मेें आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। आस्ट्रेलिया कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के साथ अब वह जर्मनी में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारियों में जुट गया है और कुछ दिनों के बाद वह जर्मनी के लिए रवाना होने वाला है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में 25 मीटर रैपिड फायर में अनीश भनवाला ने 15 वर्ष की आयु में शानदार प्रदर्शन कर गोल्ड मेडल जीता था। रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट से करनाल के लिए अपने परिवार के साथ निकला था। समालखा के गांव पावटी में उसके मामा का घर है। मामा जोगेन्द्र ने कहा कि देश अगर पदक तालिका में बड़ी छलांग लगा पाया है तो ये प्रदेश के लिए गर्व की बात है। क्योंकि हरियाणा के खिलाड़ियों का इसमें बड़ा योगदान है। इस मौके पर पिता जगपाल भनवाला, मां पूनम, मास्टर अजमेर, समेर सिंह, अजीत, करण सिंह, हरि सिंह शास्त्री व धर्मेंद्र पावटी मौजूद रहे।
ओलंपिक है सपना
देश का नाम रोशन करने वाले अनीश भनवाला ने कहा कि उसका सपना ओलंपिक में गोल्ड जीतना है और देश का मान बढ़ाना है। ये सब उनके माता-पिता, कोच के मार्गदर्शन और उनके आशीर्वाद से हो रहा है।
वर्ल्ड चैंपियनशिप पर निकलेगा अनीश
सोने का तमगा जीतने वाला अनीश आस्ट्रेलिया से अपने साथियों की अपेक्षा जल्द ही भारत लौट आया है। क्योंकि उसे जर्मनी में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के मिशन पर रवाना होना है। उसके परिजनों को उम्मीद है कि वह जर्मनी में भी देश का गौरव बढ़ाएगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सीबीएसई ने बदला था परीक्षा शेड्यूल
अनीश के मामा जोगेंद्र ने बताया कि वह दसवीं कक्षा में पढ़ता है। कॉमनवेल्थ गेम्स के समय उसकी दसवीं की परीक्षा थी। जिसे बाद में करवाने के लिए उन्होंने अपील की थी। जिसे केंद्रीय बोर्ड ने मान लिया था। अब अनीश 15-18 तक अपनी परीक्षा देगा।
गोल्ड मेडलिस्ट अनीश का समालखा में जोरदार स्वागत
- कॉमनवेल्थ गेम्स में 25 मीटर रैपिड फायर में सबसे कम आयु में गोल्ड जीतने वाला अनीश गांव पावटी पहुंचा मामा के घर
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