पौने दो साल बाद कोर्ट के समन से ग्रामीण के उड़े होश
ग्रामीणों ने प्रशासनिक अमले के साथ किया था दुर्व्यवहार
अमर उजाला ब्यूरो
मडलौडा।
पौने दो वर्ष पहले गांव कवि में बिजली निगम के अधिकारी बिजली मीटरों को बाहर लगाने के लिए गांव में पहुुंचे थे। उस दौरान ग्रामीणों ने उनका विरोध किया था और उनके साथ दुर्व्यवहार किया था। अब इस मामले में अदालत ने कवि गांव के 46 लोगों को समन जारी कर अदालत में पेश होने के आदेश दिए है। उस दौरान बिजली निगम अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों को गांव से भगाने में अपनी-अपनी बहादुरी के किस्से सुनाकर श्रेय लेने की होड़ लग गई थी, लेकिन अब कोर्ट के समन देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए।
जानकारी के अनुसार 2 अगस्त 2016 को हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत गांव कवि में बिजली मीटर घरों से बाहर लगाने के लिए नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, एसडीएम, डीएसपी, एसएचओ मतलौडा, एक्सईएन बिजली निगम व एसडीओ मतलौडा दलबल के साथ गए थे। इस दौरान कुछ ही मीटर घरों से बाहर लगाए गए थे, कि ग्रामीणों ने महिलाओं समेत एकजुट होकर लाठी-डंडों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों पर धावा बोल दिया और उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया था। बाहर लगाए गए मीटरों को तोड़कर फेंक दिया था। ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध के चलते अधिकारी जैसे ही गांव से वापिस जाने लगे, तो लोगों ने उन्हें घेर लिया। उनके साथ गाली-गलौच किया था। इतना ही नहीं प्रशासनिक अधिकारियों का पीछा कर गांव से निकाला गया था। इस दौरान अधिकरियों ने गुप्त तरीके से वीडियो भी बनाई थी। इस वीडियो सीडी को पुलिस ने कोर्ट को सौंप दिया है। जिसके आधार पर लोगों की पहचान कर प्रशासन ने एसडीओ के बयान पर 46 ग्रामीणों को नामजद किया था। 40-50 महिलाओं समेत 100-150 अन्य लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, गाली गलौच करने का मुकदमा दर्ज करवाया था। उस दौरान प्रशासन ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात को पूरी तरह से गोपनीय रखा था। ताकि ग्रामीण कोई हंगामा न कर दे। लेकिन अब इस मामले में नामजद 46 लोगों को अदालत की ओर से समन जारी कर तारीख पर कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।
सरपंच सुमेर बांगड़ व पंच सुरजीत सिंह ने कहा कि गांव के 46 लोगों को मीटर तोड़ने के मामले में कोर्ट की ओर से समन प्राप्त हुए हैं। कई लोगों ने तो अपनी जमानत भी करवा ली है। सभी लोगों को अलग-अलग तारीख पर कोर्ट में पेश होने के लिए बुलाया गया है।