36 साल पहले खरीदी 41 एकड़ जमीन, नहीं मिला सरकारी लाइसेंस
को-ऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी के सदस्यों ने पदाधिकारियों पर बेशकीमती जमीन का गोलमाल करने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। 36 साल से अपने घर का सपना देखने वाले पानीपत ऑफिसर को-आपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी के सदस्यों ने अपने पदाधिकारियों पर बेशकीमती जमीन को गोलमाल करने का आरोप लगाया है। जिन पर सोसाइटी का लाइसेंस जारी कराने का जिम्मा था उन्हीं पर मिलीभगत कर सोसाइटी की बेशकीमती जमीन के हिस्से का किसी को लाभ पहुंचाने का आरोप है। प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सरकार की सुशासन व भ्रष्टाचार मुक्त मुहिम को सफल बनाने की अपील की है।
36 साल पहले गठित उक्त सोसायटी में 380 सदस्य हैं। इसमें शहर के नामीगिरामी लोगों के साथ रिटायर्ड अधिकारी व जज हैं। सोसायटी ने सेक्टर 13, 17, 6,7 से लगती हुई 41 एकड़ जमीन खरीद रखी है, जो हाईवे के दो हिस्सों में है। सोसायटी की इस जमीन पर सेक्टर काटने के लिए हुडा ने सेक्शन 4 व 6 जारी किया था। जिसे हाईकोर्ट से 2003 में मुक्त कर दिया गया। सोसाइटी को अब तक लाइसेंस नहीं मिला है। सोसायटी प्रबंधन पर आरोप है कि राजनीतिक लोगों से मिलीभगत कर तहसीलदार के पास 2400 मीटर जमीन हाईवे पर दे दिया। आरोप है कि जो जमीन हाईवे के किनारे दी जा रही है, उसे 41 एकड़ के किसी और हिस्से में दिया जा सकता है। मामले को तूल पकड़ता देखे सोसायटी के आम सदस्यों की रविवार को आनंद गार्डन में बैठक बुलाई गई है। इसमें केवल सदस्यों के प्रवेश की बात कही गई है।
मुख्य सचिव को भेजे पत्र में लगाए गए प्रमुख आरोप
-उपरोक्त सोसायटी में कुछ सदस्य ऐसे हैं जो 7-8 साल पहले प्लाट बेच चुके हैं और अभी भी वोटर हैं। कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने प्लॉट खरीद रखा पर वोटर नहीं है।
: सोसायटी के सचिव ने सोसाइटी का कार्यालय अपने खुद के मकान के प्रथम मंजिल पर अपने बेड रूम में बना रखा है। सोसायटी के खाते से मोटी रकम किराये पर ले रहे हैं। व्यक्तिगत कमरा होने के कारण सोसाइटी के साधारण सदस्यों को वहां तक जाने की अनुमति नहीं होती है।
: सोसाइटी के सचिव ने पहली बार एक कर्मचारी को प्रतिमाह मोटी रकम की दर से रखा है। जो उनके अस्पताल का पहले से ही कर्मचारी है। उसका वेतन सोसायटी के खाते से दिया जा रहा है।
: सोसायटी के वर्तमान पदाधिकारियों ने तहसीलदार के पास सेक्टर 6 व 7 की भूमि का ततीमा के लिए केस दायर किया है। इसमें एक लाभार्थी सोसायटी के वित्त सचिव खुद हैं। बाकी लाभार्थी उनके करीबी हैं। नौ लाभार्थियों को पता उनके ही रिहायश नंबर पर है।
: सोसायटी के वर्तमान पदाधिकारियों द्वारा एक फैक्ट फंडिंग कमेटी बनाई गई थी। इसने वर्तमान कमेटी की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए अपनी रिपोर्ट दी है। इसमें कहा गया है कि भूमि की निशानदेही और तहसीलदार की कोर्ट में ततीमा के लिए दायर किया केस सही नहीं है।
: इन तथ्यों पर रजिस्ट्रार कोआपरेटिव सोसायटी पंचकूला, सहायक रजिस्ट्रार पानीपत को पहले ही अवगत कराया गया है। लेकिन अब तक कोई जांच या ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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सोसायटी के पदाधिकारियों की ओर से मिलीभगत कर किसी विशेष के लाभ पहुंचाया जा रहा है। मामले की जांच होनी चाहिए। जिम्मेवार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
- राज कुमार छोकर, पूर्व महासचिव, पानीपत ऑफिसर्स कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी
सोसायटी सदस्यों की ओर से लगाए गए आरोप गलत हैं। जो भी कार्रवाई की जाती है कोऑपरेटिव एक्ट के तहत होती है। बैठक के दौरान सभी बातों का ध्यान दिया जाएगा।
- ओपी मिगलानी, अध्यक्ष, पानीपत आफिसर कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी।
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इस तरह की कोई शिकायत उनके संज्ञान में नहीं है। रविवार को सोसायटी के जनरल बॉडी की बैठक है। उसके बाद निकलने वाली बातों को संज्ञान में लिया जाएगा।
- यशपाल दहिया, सहायक रजिस्ट्रार, ग्रुप हाउसिंग सोसायटी पानीपत