अब विधायक के पक्ष में उतरे 10 पार्षद, दो ने किया किनारा
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। शहर की सत्ता पर आसीन भाजपा की अंदरूनी खींचतान सामने आ गई है। कांग्रेस समर्थित पार्षदों के शहर के विकास में भेदभाव और विधायक के पति सुरेंद्र रेवड़ी पर लगाए गए आरोपों के बाद अब भाजपा और इसके समर्थित पार्षद सामने आए हैं। उन्होंने कांग्रेस समर्थित पार्षदों के आरोपों को निराधार बताया है, इसमें भाजपा और उनके समर्थित नौ चयनित व एक मनोनीत पार्षद खड़े हुए, लेकिन इसमें भाजपा पार्षद दुष्यंत भट्ट व पूर्व मेयर एवं पार्षद भूपेंद्र सिंह का पूरे एपीसोड से गायब रहना चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं पूर्व मेयर एवं पार्षद भूपेंद्र सिंह ने बैठक को लेकर किसी तरह की जानकारी न होने की बात कही है।
भाजपा व इसके समर्थित पार्षद पूरे मामले को लेकर मंगलवार को रेस्ट हाउस में एकजुट हुए और मीडिया के सामने आकर कांग्रेस समर्थित पार्षदों के आरोपों को निराधार बताया। जिसकी अगुवाई पार्षद अशोक कटारिया व संचालन डिप्टी मेयर सीमा पाहवा के पति राजकुमार पाहवा ने की। उन्होंने कांग्रेस समर्थित पार्षदों द्वारा शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी व उनके पति सुरेंद्र रेवड़ी पर शहर के विकास में रोड़ा अटाने के आरोपों को निराधार बताया। कहा कि भाजपा विधायक व प्रदेश सरकार शहर समेत पूरे प्रदेश में एक समान विकास कार्य करवा रही है इस मौके पर संजीव दहिया, सविता रामदेव, सतीश सैनी, हरीश शर्मा, जयकुमार बिंदल, पार्षद पति रामरतन अग्रवाल व मनोनीत पार्षद तरुण छौक्कर मौजूद रहे।
लोगों की मांग पर बढ़ाए जाते हैं टेंडर
वार्ड-18 पार्षद संजीव दहिया ने कहा कि नगर निगम में किसी भी काम की लागत मूल्य का अनुमान लगाकर टेंडर जारी किया जाता है। ठेकेदार उस काम पर अपना काम शुरू कर देता है। कई बार लागत अधिक आ जाती है और कई बार स्थानीय लोगों की मांग पर काम बढ़ जाता है। ऐसे में काम पूरा कराने को लेकर टेंडर की राशि कुछ बढ़वाई जाती है। इसको लेकर भी अधिकारियों की परमिशन ली जाती है।
कांग्रेस समर्थित पार्षद तीन-तीन सौ रुपये लेते पकड़ा था
भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समर्थित एक पार्षद तीन-तीन सौ रुपये लेने के मामले में पकड़ा गया था। कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने उस मामले के सामने आने पर सांप सूंघ गया था। उन्होंने उस वक्त निगम में जांच की मांग नहीं उठाई। वे आज विजिलेंस जांच की मांग कर रहे हैं। वे कुछ ही वार्डों को निशाना साध रहे हैं, लेकिन भाजपा पार्षद एक से 24 तक निगम के सभी वार्डों की जांच उठा रहे हैं। इस जांच में किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित अधिकारी व व्यक्ति पर कार्रवाई की जाए।
पार्षदों की लड़ाई में अटक रहा विकास
भाजपा व कांग्रेस समर्थित पार्षदों में एक बार फिर विकास के मुद्दे पर लड़ाई छिड़ गई है। असल में इनकी लड़ाई में विकास कार्य पटरी से नीचे उतर जाते हैं। पिछले दिनों भी नगर निगम में ऐसा ही हुआ था और अब फिर उसी स्थिति में आ रहा है। दरअसल शहर में विकास लगातार प्रभावित हो रहा है और सबसे ज्यादा परेशानी बाहरी कॉलोनियों के लोगों को उठानी पड़ रही है। उनकी कॉलोनियों में टेंडर लग जाते हैं, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाता। उनके चक्कर काटने के बाद काम शुरू हो जाता है तो पूरा नहीं हो पाता।
नगर निगम में नियमानुसार काम करवाए जा रहे हैं। पिछले दिनों एक जेई का गड़बड़ी में नाम आया था। निगम ने उसको तुरंत सस्पेंड कर दिया था। उनके पास पार्षदों की विकास कार्यों की जांच कराने की लिखित मांग आती है तो वे जांच कराएंगे। इसमें किसी तरह की कमी मिलती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
शिवप्रसाद शर्मा, कमिश्नर, नगर निगम पानीपत।