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समालखा विधायक समेत सात सौ अभिभावकों का समर्थन पत्र प्रशासन को सौंपा

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समर्थन जुटा रहा मिलेनियम स्कूल
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- समालखा विधायक समेत सात सौ अभिभावकों का समर्थन पत्र प्रशासन को सौंपा
- पूर्व मंत्री जैन भी अभिभावकों के साथ पहुंचे, बोले बेगुनाह पर न हो कार्रवाई

-एसआईटी को स्कूल प्रबंधन नहीं सौंप सकी है रिकॉर्ड, एसडीएम की अगुवाई में गठित एसआईटी स्कूल प्रबंधन से लगातार साध रही है संपर्क
- प्रशासन ने बुधवार को ही प्रबंधन को सौंप दिया था स्कूल, स्कूल स्टाफ अमिता कोचर को प्रिंसिपल के पद पर वापस लाने की मांग पर अड़ा

फोटो-20 व 31
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
द मिलेनियम स्कूल व प्रिंसिपल के समर्थन में उतरे अभिभावकों ने पूर्व मंत्री ओपी जैन का समर्थन लेकर समालखा विधायक रविंद्र मच्छरौली समेत सात सौ अभिभावकों के हस्ताक्षर वाला प्रपत्र वीरवार को प्रशासन को सौंपा। स्कूल स्टाफ व पेरेंट्स ने इस मामले में बच्ची को इंसाफ दिलाने की बात कही, लेकिन किसी गुनाहगार पर कानूनी कार्रवाई न करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रिंसिपल किसी तरह से भी दोषी नहीं है। उन्होंने तो सामने आकर आरोपी को पकड़वाने में प्रशासन व पुलिस का सहयोग किया है। वहीं प्रशासन द्वारा प्रबंधन को स्कूल देने के बाद वीरवार को स्कूल नहीं खोला जा सका। प्रबंधन ने अब 10 अक्तूबर को स्कूल खोलने का फैसला लिया है। वहीं एसआईटी को तीसरे दिन भी स्कूल प्रबंधन द्वार रिकॉर्ड नहीं सौंपा जा सका। स्कूल प्रबंधन ने शुक्रवार को रिकॉर्ड सौंपने का भरोसा दिया है।
मिलेनियम स्कूल के पेरेंट्स व टीचर ने वीरवार को दूसरे स्कूलों का समर्थन लेकर स्काईलार्क से लेकर लघु सचिवालय तक जुलूस निकाला। अध्यापकों और अभिभावकों ने पहले स्काईलार्क के सामने बड़ा प्रदर्शन किया। इसके बाद अभिभावक डीसी से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे और जांच पूरी होने तक प्रिंसिपल अमिता कोचर को न हटाने की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि अगर प्रिंसिपल निर्दोष हैं तो उन पर गलत दबाव न बनाया जाएं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने से पहले ही मामले को उछाल दिया गया। यह सब स्कूल, अध्यापकों, बच्चों व अभिभावकों के हित में नहीं है। अगर विद्यालय में कोई कमी है तो उसे दूर कराना चाहिए। कोई घटना हुई है तो दोषी की तरफ ध्यान देना चाहिए। लेकिन इससे पहले यह देख लेना चाहिए कि मामला किस दिशा में चल रहा है। लोगों ने बच्ची को न्याय दिलाने की बात को तो पीछे छोड़ दिया, वे अब स्कूल प्रिंसिपल पर निशाना साधे हुए हैं। इस मामले को संवेदनशीलता से सुलझाया जाएं और अनर्गल बातें न फैलाई जाएं।
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उपायुक्त ने अभिभावकों को दिया आश्वासन
उपायुक्त को ज्ञापन देने वाले अभिभावक रविंद्र मच्छरौली, अनिल रुहिल, जिग्नेश सोमरा, अमित सोमरा, श्वेता, जनेश अरोड़ा व पुनीता ने लगभग सात सौ अभिभावकों के हस्ताक्षर वाला 50 पेज का प्रपत्र भी सौंपा। 150 अभिभावकों के हस्तलिखित टिप्पणी भी सौंपी। जिसमें स्कूल और प्रिंसिपल के प्रति विश्वास जताया गया है। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने से पहले किसी तरह निर्णय न लिया जाएं और स्कूल को यथास्थिति चलते रहने दिया जाएं। उपायुक्त ने इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का भरोसा दिया।

10 अक्तूबर को स्कूल खोलने का लिया फैसला
प्रशासन द्वारा 27 सितंबर तक स्कूल की छुट्टी घोषित कर दी थी। प्रशासन ने 27 को ही स्कूल प्रबंधन समिति को सौंप दिया था। टीचर व पेरेंट्स वीरवार को स्कूल खुलने की उम्मीद कर रहे थे। स्कूल प्रबंधन ने नौ अक्तूबर तक स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। प्रबंधन का कहना है कि 10 अक्तूबर को स्कूल खुलेगा।

यह है मामला
शहर के मॉडल टाउन निवासी एक बच्ची मिलेनियम स्कूल की चौथी कक्षा में पढ़ती है। बुधवार सुबह छात्रा वाशरूम में गई तो एक एक कर्मचारी ने उसके साथ बदसलूकी कर दी। शाम को घर पर उसने परिजनों को बताया कि स्कूल में एक कर्मचारी ने उसके साथ छेड़छाड़ की है। परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस व स्कूल प्रबंधन को दी। एसपी राहुल शर्मा देर शाम को बच्ची के घर पर पहुंचे और बच्ची से पूरी बातचीत की। महिला थाना डीएसपी विद्यावती देर रात को परिजनों के पास पहुंची और परिजनों के साथ बच्ची को ले जाकर सिविल अस्पताल में मेडिकल कराया। पुलिस ने वीरवार देर रात को आरोपी स्वीपर तरुण को गिरफ्तार कर एक दिन के रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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वर्जन
मिलेनियम स्कूल प्रबंधन ने रिकॉर्ड देने के लिए समय मांगा था। वे वीरवार को भी रिकॉर्ड नहीं सौंप पाए। स्कूल प्रबंधन द्वारा शुक्रवार को रिकॉर्ड सौंपने की बात कही है। एसआईटी रिकॉर्ड के आधार पर आगामी कार्रवाई शुरू करेगा।
- विवेक चौधरी, एसडीएम पानीपत एवं एसआईटी प्रभारी।
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