अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा घोषित गांव क्योड़क में बनाए जाने वाले पशु विश्वविद्यालय के रिजनल सेंटर के लिए वीरवार को विश्वविद्यालय लुआस के वीसी मेजर जनरल श्रीकांत शर्मा ने जगह का निरीक्षण किया। गांव थाना व टीक मार्ग पर स्थित ग्राम पंचायत क्योड़क की जमीन को सेंटर के लिए उपयुक्त बताया और कहा अब शीघ्र ही जमीन का हस्तांतरण होने पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पशुओं के ईलाज के लिए लोगों को हिसार नहीं जाना पड़ेगा। वीसी के साथ भाजपा नेता राव सुरेंद्र सिंह, एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह, डीडीपीओ जितेंद्र अहलावत, पशु विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डा. राजेंद्र श्योकंद भी मौजूद थे।
वीसी ने बताया कि तीन मार्गों को जोड़ने वाली जगह रिजनल सेंटर के लिए उपयुक्त है। लाला लाजपतराय यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी एंड एनीमल साईंसिज (लुआस) के प्रदेश में तीन रिजनल सेंटर बनाए जाने हैं। जिसमें करनाल व महेंद्रगढ़ सहित गांव क्योड़क में तीसरा सेंटर बनाया जाना है। मुख्यमंत्री ने 24 अक्टूबर 2015 को गांव क्योड़क में इस सेंटर का ऐलान किया था। जिसके लिए काफी सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं।
18 करोड़ आएगी लागत
इस सेंटर को बनाने में 18 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जिसमें कुल 29 का स्टॉफ होगा। इनमें से 7 वैज्ञानिक होंगे। जो दूध, पशुपालन, पशु स्वास्थ्य सहित किसानों के दूध की कीमत वृद्धि संबंधित विषयों पर रिसर्च करेंगे। दस एकड़ की जगह दी गई है। इसमें अत्याधुनिक भवन, अत्याधुनिक उपकरणों सहित कई प्रकार की लैब स्थापित की जाएंगी। अब जगह हस्तांतरित होगी।
ये होंगी सुविधाएं
सेंटर में पशुओं के ईलाज के लिए लैब, अल्ट्रासाउंड, ऑपरेशन के लिए सर्जरी सिस्टम, एक्स-रे से लेकर पशुओं की चिकित्सा से संबंधित सभी आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध होंगे। इसके बन जाने के बाद ना केवल कैथल बल्कि आस-पास के जिलों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। इससे लोगों के धन व समय दोनों की बचत होगी। यहां पशु रिसर्च के विस्तार का भी काम होगा।
भाजपा नेता राव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ने इस इलाके को यह बड़ी सौगात दी है। जिस पर अब शीघ्र काम शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि रिजनल सेंटर से पशुओं के ईलाज में मदद मिलेगी। इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उनकी अगली मांग इस सेंटर में वीएलडीए कॉलेज शुरू करवाने की होगी। ताकि बच्चे यहां से पढ़कर इस क्षेत्र में रोजगार भी हासिल कर सकें।