सर्वर डाउन होने के कारण रद्द हुई जुनियर इंजीनियर की परीक्षा
-दूसरे राज्यों से भी आए परिक्षार्थियों ने परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो।
पानीपत/मडलौडा । नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड में जुनियर इंजीनियर की भर्ती को लेकर उंटला के आरएन इंजीनियर कॉलेज में शनिवार को होने वाली ऑन लाईन परीक्षा में सर्वर डाउन होने के कारण परीक्षा नही हो पाई। करीब 12 बजे एगजामिनीयर्स द्वारा बोर्ड पर परीक्षा रद्द होने का नोटिस लगाने के बाद परीक्षा में बैठे विद्यार्थियों ने हंगामा किया। परीक्षा की अगली तारीख बाद में तय की जाएगी। इसके बाद दूसरे राज्यों से भी आए परिक्षार्थी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे लेकिन किसी ने एक ना सुनी तो सभी परीक्षार्थी मायुस होकर चले गए।
जानकारी के अनुसार एनएफएल पानीपत में जूनियर इंजीनियर की भर्ती के लिए शनिवार को मतलौडा के आरएन इंजीनियरिंग कॉलेज में तीन शिफटों में ऑन लाईन परीक्षा होनी थी। इस परीक्षा के लिए 540 परीक्षार्थी कॉलेज पहुंचे थे। इनमें करीब 8 लड़कियां भी थी। प्रत्येक शिफट में 180 परीक्षार्थी बैठने की व्यवस्था थी। प्रथम शिफट सवेरे 9 से 11 बजे तक, दूसरी शिफट में दोपहर 12 से 2 बजे तक और तीसरी शिफट में 3 से 5 बजे परीक्षा होनी थी। परीक्षा की पहली शिफट में प्रथम बैंच के 180 परीक्षार्थी बैठ चुके थे। लेकिन पहली शिफट में सर्वर डाउन होने के कारण परीक्षा नहीं हो पाई। एगजामिनर दो घंटे तक सर्वर ठीक होने का इंतजार करते रहे। लेकिन लंबी इंतजार करने के बाद भी जब सर्वर ठीक नहीं हुआ तो दोपहर 12 बजे एगजामिनरों ने नोटिस बोड़ॱर पर परीक्षा रदद होने का नोटिस चस्पा करवा दिया और परीक्षा की अगली तारीख बाद में तय करने की बात कही। इसके बाद परीक्षाथियों ने जमकर हंगामा किया और परीक्षा केन्द्र की व्यवस्था पर जमकर सवाल उठाए। लेकिन कोई भी अधिकारी व कॉलेज प्रशासन का अधिकारी जवाब नहीं दे पाया। भरतपुर जमुना प्रसाद, जयपुर वासी मुरलीधर, सोनीपत के विशेष कुमार व ब्रहमदेव ने बताया कि वह परीक्षा देने के लिए रातभर रेलवे स्टेशन पर रात को मच्छरों में रह कर किसी तरह रात काटी। परीक्षा की पूरी तैयारी थी। लेकिन परीक्षा केन्द्र देहात में बनाया गया। जहां पर परीक्षा केन्द्र में कोई व्यवस्था ही नही थी।
देहात में परीक्षा केन्द्र किसने तय किया
नेशनल स्तर की परीक्षा के लिए देहात में परीक्षा केन्द्र किसने तय किया। देहात में परीक्षा केन्द्र निश्चित करने की क्या विवशता थी। क्या कॉलेज मनेजमैंट की ओर से परीक्षा व्यवस्था की कोई तैयारी नहीं की गई थी? या इसके पीछे कोई साजिश थी? इन सवालों का जवाब ना तो कॉलेज मनेजमैंट दे पाई और ना ही एनएफएल की ओर से आए अधिकारी व एगजामिनर दे पाए।