केमिकल बहने से जहरीला हुआ यमुना का पानी
सनौली। यमुना नदी में ड्रेन नंबर दो से आने वाले केमिकल युक्त पानी से जल में गंदगी फैल रही है। आलम यह है कि यमुना में जल जीवन भी खतरे में है, यमुना में अब मछलियां भी नहीं दिखाई दे रही हैं। यमुना का जल स्तर 227.00 क्यूसेक मीटर चल रहा है। जबकि केन्द्र के आदेश के हिसाब से ताजे वाले हैड़ पर 320.00 क्यूसेक मीटर पानी छोड़ा जाना चाहिए जो वहां आते-आते घट रहा है। अब नदी में पानी के साथ प्रति दिन 30 टन गंदगी, रेत, बजरी व कचरा व केमिकल युक्त गंदा पानी बहकर दिल्ली पहुंचता है। प्रति दिन चार बार नदी के जल स्तर की रिर्पोट केन्द्रीय आयोग दिल्ली हेड ऑफिस भेजा जाती है। अगर यमुना नदी पुल से आगे करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव खोजकीपुर के पास देखें तो हालत और भी गंभीर हैं क्योंकि वहां पर ड्रेन नंबर-2 से गंदा, केमिकल युक्त पानी बहाते हुए यमुना नदी में गिरता है। नदी के इस तरह के गंदे पानी से नदी किनारे होने वाली खेती भी प्रभावित हो रही है। वहीं, यमुना नदी के पानी पर आश्रित यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, दिल्ली सहित हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है।
भूजल स्तर पर पड़ रहा प्रभाव
गंदे पानी से नदी के किनारे बसे गांवों में लगे हैडपंपों का पानी भी पीला और बदबूदार आता है। ताजपुर गांव के लोगों के लोगों का कहना है कि ड्रेन नंबर दो से नदी में केमिकल युक्त पानी जाने से उनके सामने पीने का पानी की समस्या आ खड़ी हुई है। लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए या फिर ड्रेन के अंदर से सीवर दबाए जाए ताकि केमिकल युक्त पानी से भूजल पर प्रभाव न पड़े। ग्रामीण सुरेश, कृष्ण, बिक्का, युधीस्टर, सुनील, धर्मपाल, भतेरी, प्रेमो, राहुल, संदीप, बिट्टू, कुसुम, धनपति, सरोज आदि ने बताया कि करीब 300 फीट तक पानी पीला पड़ने के साथ बदबूदार हो चुका है। इससे गांव में संक्रमण फैलने का डर भी लोगों को सता रहा है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो जिला उपायुक्त कार्यालय पर धरना देने पर मजबूर होगें।
नदी में मछलियां हुई खत्म
मछुआरे मदास ने बताया कि पिछले 20 दिनों से नदी में गंदा पानी के लगातार आने की वजह से नदी की छोटी-छोटी मछलियां मर गई हैं। उन्होंने प्रशासन से नदी से मछलियां पकड़ने का ठेका 21 लाख रुपये में लिया था। इससे उनके सामने रोजगार का संकट आ खड़ा हुआ है। अगर इस पर जल्द लगाम नहीं लगाई गई तो उनका बड़ा नुकसान हो जाएगा।