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सरदार भूपेंद्र सिंह की बेटी अवनीत कौर 26 साल की उम्र में बनी शहर की सरदार, कांग्रेस समर्थित अंशु कौर पाहवा को 74940 वोट से दी मा

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सरदार भूपेंद्र सिंह की बेटी अवनीत कौर 26 साल की उम्र में बनी शहर की सरदार
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पानीपत। भाजपा ने पानीपत नगर निगम चुनाव में क्लीन स्वीप कर दिया। शहर के पूर्व मेयर सरदार भूपेंद्र सिंह की बेटी अवनीत कौर शहर की सरदार बनी। वो पानीपत की पहली महिला मेयर है। वो प्रदेश की अब तक की सबसे युवा मेयर भी है। उनकी उम्र महज 26 साल है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस समर्थित अंशु कौर पाहवा को 74940 वोटों से हरा दिया। भाजपा प्रत्याशी अवनीत कौर को 203068 में से 126321 वोट मिले। जबकि अंशु कौर पाहवा को 51381 वोट मिले। वोटिंग के 19 राउंड हुए। तीसरे नंबर पर लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी की सीमा सैनी रही उन्हें 12192 वोट मिले। इनेलो व बसपा की प्रियंका कश्यप को 7309 व आजाद उम्मीदवार भारती को 2857 वोट मिले। जबकि 3008 लोगों ने नोटा को वोट किया। हर राउंड में अवनीत कौर ने बढ़ाई बनाई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बुल्लेशाह व उनके समर्थकों ने मतगणना का बहिष्कार कर दिया और मतगणना स्थल से यह कर वॉक आऊट कर दिया कि ईवीएम मशीन में भाजपा ने गड़बड़ी की है। उन्होंने इसको लेकर हाईकोर्ट में जाने की बात कही है। अवनीत कौर के पिता सरदार भूपेंद्र सिंह 5 साल 6 माह व 13 दिन पहले शहर के पहले मेयर बने थे। दो साल बाद पार्षदों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर मेयर पद की कुर्सी से हटा दिया था।
दिग्गजों की टिकट काटकर दी थी अवनीत को टिकट
भाजपा प्रत्याशी अवनीत कौर विश्व विख्यात ऐतिहासिक व टेक्सटाइल नगरी पानीपत की पहली महिला मेयर निर्वाचित हुई है। अवनीत कौर ने मेयर पद पर हरियाणा में अभी तक सबसे अधिक वोटों से 74940 वोटों से जीत दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया है। पानीपत में भाजपा प्रत्याशी अवनीत को मिली जीत से भाजपा हाईकमान व मुख्यमंत्री मनोहर लाल गदगद हैं। स्मरणीय है कि भाजपा हाईकमान ने पानीपत नगर निगम के मेयर पद पर पुराने भाजपाइयों के प्रत्याशी बनाये जाने के दावों को खारिज करते हुए अवनीत कौर का टिकट दिया था। उनको टिकट देने के लिए दिग्गज दुष्यंत भट्ट व रामकुमार सैनी की टिकट काट दी गई थी। वहीं अवनीत का भाजपा से मेयर पद का प्रत्याशी बनने से पहले कोई नाता नहीं रहा, हां अवनीत के पिता सरदार भूपेंद्र सिंह पानीपत के पहले मेयर रह चुके है। भूपेंद्र 2013 में कांग्रेस के समर्थन से पानीपत के मेयर बने थे और सन् 2014 में सत्ता बदलने पर भूपेंद्र ने भाजपा का दामन थाम लिया था, हालांकि भाजपा ने भूपेंद्र को लंबे समय तक मेयर पद पर रहने नहीं दिया था।
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मेयर पद के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच एसडी शिक्षण संस्था के भवनों में 26 राउंडों में मतगणना हुई। हर राउंड में भाजपा की अवनीत कौर बढ़त बनाती चली गई और 26 वें राउंड की जीत के बाद अवनीत को निर्वाचन अधिकारी ने विजय घोषित किया। वहीं अवनीत ने पानीपत की ऐतिहासिक व विश्व के सबसे बडे़ टेक्सटाइल हब पानीपत की धरती पर हरियाणा में सबसे अधिक वोटों से जीतने वाली मेयर का रिकॉर्ड भी बनाया है। पानीपत में अवनीत को मिली ऐतिहासिक जीत ने भाजपा हाईकमान के अवनीत को प्रत्याशी बनाने के फैसले पर मोहर लगा दी, वहीं उन भाजपाइयों के जुबान बंद कर दी, जो अवनीत को मेयर पद का प्रत्याशी बनाये जाने पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से विरोध कर रहे थे।
वहीं पानीपत के इतिहास में यह तीसरा मौका है जब पानीपत नगर पालिका, फिर परिषद और अब निगम पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। चौ. नीतिसेन भाटिया नगर पालिका के, संजय भाटिया नगर परिषद अध्यक्ष रह चुके है। अवनीत ने बनाये कई रिकॉर्ड पानीपत की पहली मेयर अवनीत कौर के नाम कई रिकार्ड दर्ज हुए है। अवनीत, पानीपत की पहली महिला मेयर बनी, हरियाणा की सबसे कम आयु की मेयर निर्वाचित हुई, पानीपत की पहली शिक्षित मेयर बनी, पहली पिछड़ा वर्ग की महिला मेयर बनी, पानीपत की पहली सिख महिला मेयर बनी, अवनीत पहली महिला मेयर बनी जिसके पिता स. भूपेंद्र सिंह भी पानीपत के मेयर रहे और हरियाणा में सबसे अधिक वोटों से जीतने वाली मेयर बनी। वहीं अवनीत के पिता भूपेंद्र ने भी पानीपत का मेयर बन कई रिकार्ड बनाये थे, भूपेंद्र पानीपत के पहले मेयर बने थे, हरियाणा पहले सिख थे जिन्होंने मेयर पद को सुशोभित किया था।
पानीपत नगर निगम के 26 में भाजपा के 24 पार्षद जीते:
भाजपा ने भूतकाल में हुई अपनी हार के बदले पानीपत नगर निगम के चुनाव में 26 वार्डों में से 24 पर जीत दर्ज कर ले लिये। नगर निगम चुनाव की मतगणना में आज कांग्रेसियों का वही हाल हुआ जो पूर्व में भाजपाइयों का होता आया है। निगम के चुनाव में कांग्रेस समर्थित मात्र एक प्रत्याशी चुनाव जीता है, जबकि निर्दलीय तीन प्रत्याशी चुनाव जीते है। नगर निगम के वार्ड एक से भाजपा की अनीता, वार्ड दो से पवन वाल्मीकि, वार्ड तीन से अंजलि शर्मा, वार्ड चार से रविंद्र नागपाल, वार्ड पांच से अनिल बजाज, वार्ड छह से रविंद्र, वार्ड सात से अशोक कटारिया, वार्ड आठ से चंचल रेवडी सहगल, वार्ड नौ से मीनाक्षी नारंग, वार्ड 10 से रविंद्र भाटिया, वार्ड 11 से कोमल सैनी, वार्ड 12 से सतीश सैनी, वार्ड 13 से शिव कुमार शर्मा, वार्ड 16 से अतर सिंह रावल, वार्ड 17 से प्रमोद देवी, वार्ड 19 से निशा, वार्ड 20 से लोकेश नांगरू, वार्ड 21 से संजीव दहिया, वार्ड 23 से अश्वनी ढींगडा, वार्ड 24 से मंजीत कौर, वार्ड 25 से दुष्यंत भट्ट, वार्ड 26 से विजय जैन ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस समर्थित एक ही प्रत्याशी जीता नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार वार्ड 14 से शकुंतला गर्ग ने जीत दर्ज की है। वहीं कांग्रेस समर्थित सभी उम्मीदवार चुनाव हार गये। इधर, वार्ड 15 से भाजपा की बागी सुमन छाबडा ने जीत दर्ज की, वहीं इस वार्ड से भाजपा प्रत्याशी अपना नामांकन जमा नहीं कर पाई थी, जबकि भाजपा ने बाद में रजनी गर्ग को समर्थन दे दिया था। इधर, वार्ड 22 से निर्दलीय प्रत्याशी चंचल डावर व वार्ड 18 से बलराम ने जीत दर्ज की है।
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लोकेश नागरू की प्रदेश में सबसे बड़ी जीत:
लोकेश सबसे बड़ी जीत दर्ज की भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष व नगर निगम के वार्ड 20 से भाजपा के पूर्व पार्षद लोकेश नांगरू ने नगर निगम के चुनाव में वार्ड 20 से 4889 वोटों के अंतर जीत दर्ज की है। यह हरियाणा के निकाय चुनाव में किसी वार्ड में अब तक की सबसे बडी जीत है। वहीं वार्ड 20 कांग्रेस के समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी आशीष मलिक को इतने वोट मिले। जबकि कभी भाजपा की तन मन धन से सेवा करने वाले निर्दलीय प्रत्याशी जीतेंद्र जुनेजा उर्फ राजू को मात्र 809 वोट मिले है। लोकेश की भारीभरकम जीत के पीछे उनके व नांगरू परिवार के सेवा भाव को मना जा रहा है।
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