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सिविल अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में जूठे बर्तन साफ कर रहे स्टाफ, संक्रमण का खतरा

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सिविल अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में जूठे बर्तन साफ कर रहे स्टाफ, संक्रमण का खतरा
ओटी में हर दिन औसतन दो लोगों की आंखों का होता है ऑपरेशन, पहले भी सामने आ चुका है इस तरह का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
सिविल अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर से लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल ऑपरेशन थियेटर के स्टाफ को मरीजों की आंखों से खेलते पाया गया है। अस्पताल का स्टाफ ऑपरेशन थियेटर जैसे सेंसटिव स्थान पर अपने झूठे बर्तन साफ करते हुए कैमरे में कैद हुआ है। ऑपरेशन थियेटर के स्टाफ के अनुसार वो पिछले दो साल से ऑपरेशन थियेटर में ही अपने चाय व खाने के जूठे बर्तन साफ कर रहे हैं, ऐसे में शहर के आंखों के ऑपरेशन कराने वाले मरीजों के स्वास्थ्य को बड़ा खतरा है। अस्पताल का पूरा ऑपरेशन थियेटर संक्रमण से ग्रस्त है। इसका सबूत पिछले महीने आई ऑपरेशन थियेटर की रिपोर्ट गवाह है। ऐसे में सिविल अस्पताल के डॉक्टर भी अपने स्टाफ द्वारा की जा रही ऐसी लापरवाही से काफी नाराज व आश्चर्य चकित हैं।
सिविल अस्पताल की दूसरी मंजिल पर दो ऑपरेशन थियेटर हैं। इसमें एक आंखों की सर्जरी के लिए बनाया गया है कि जबकि दूसरा थियेटर जनरल मरीजों के लिए है। ओटी में 5 स्टाफ नर्सों व दो अन्य कर्मचारियों का स्टाफ है। ऑपरेशन से पहले डॉक्टर स्टाफ को ऑप्रेशन थियेटर में फ्यूरिकेशन करने के निर्देश देते हैं,ताकि ओटी से संक्रमण खत्म हो सके और मरीजों के स्वास्थ्य को किसी प्रकार का खतरा ना हो, लेकिन ऑपरेशन थियेटर में ठीक इसके उलट हो रहा है। जब डॉक्टर मरीज को ऑपरेशन का समय दे चुके होते हैं और वो ओटी में शिरकत करते हैं तो अस्पताल का स्टाफ वहां पर अपने झूठे बर्तन धोते पाया जाता है। जबकि ऑपरेशन थियेटर में इस प्रकार की लापरवाही किसी अपराध से कम नही है। ओटी के वॉशवेशन में सब्जी व चाय की पत्तीपाई जाती है।
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पिछले दो साल से चल रही है ऐसी लापरवाही
सिविल अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में ऐसा लापरवाही भरा खेल पिछले दो साल से चल रहा है। इससे पहले भी डॉक्टर ऐसा करने पर स्टाफ को कड़ी फटकार लगा चुके हैं, लेकिन स्टाफ अपनी मनमर्जी से बाज नहीं आ रहे है।
ऑपरेशन थियेटर को संक्रमण मुक्त रखने के ये हैं नियम
-जहां डॉक्टर औजार साफ करते हैं वहां बर्तन व अन्य चीजे धोना नियमों के खिलाफ है।
-ऑपरेशन थियेटर में कोई भी ऐसी वस्तु इस्तेमाल नहीं कर सकते जिससे मच्छर मक्खी आने का भय हो।
-मरीज को कपड़े चेंज करके ऑपरेशन थियेटर में आना चाहिए।
-15 दिन बाद फ्यूरिकेशन होना चाहिए
-मरीज को नहलाकर कर ओटी में आना चाहिए।

संसाधनों की कमी है स्टाफ कहां बर्तन साफ करे : डॉ. कविता
अस्पताल में संसाधनों की कमी है। स्टाफ खाना खाकर बर्तन धोने के लिए कहां जाएगा। ऑपरेशन थियेटर में तो एक ही सफाई कर्मचारी है जो कई बार काम करता है। अगर प्रोटोकाल की बात करें तो अस्पताल में प्रोटोकाल में कुछ नहीं होता। सिविल सर्जन को ओटी शिफ्ट करना चाहिए। ओटी में बर्तन धोने से कोई नुकसान नहीं होता और वैसे भी यहां कोई नियम फॉलो नहीं होते।
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-डॉ. कविता, इंचार्ज ऑप्रेशन थियेटर।

कड़ी कार्रवाई होगी : डॉ. वर्मा
अगर ऑपरेशन थियेटर में बर्तन धुले जा रहे हैं तो ये गलत है। मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। जो भी लापरवाही बरत रहा है उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन पानीपत।
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