रिफाइनरी के सल्फर प्लांट का वाल्व हुआ लीक, सल्फर गिरने से एक कर्मी झुलसा
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत/थर्मल। इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी में सल्फर प्लांट का वाल्व लीक होने से एक कंपनी के कर्मी के चेहरे पर सल्फर गिर गया। हादसा उस समय हुआ जब वाल्व चेक किया जा रहा था। इससे झुलसने पर उसको शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। रिफाइनरी में लीकेज से एक माह में दूसरा हादसा हुआ है। इससे पहले नवंबर माह में डीसीयू प्लांट में पाइप लीक होने से कंपनी के सुपरवाइजर समेत दो कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि रिफाइनरी के एक मैनेजर समेत दो अन्य लोग भी झुलस गए थे। इस मामले में बोहली चौकी में रिफाइनरी प्रबंधन व ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को रिफाइनरी के सल्फर प्लांट का वाल्व लीक हो गया। एक कंपनी के अंतर्गत रिफाइनरी में कार्यरत कर्मी परमजीत वाल्व ठीक करने लगा। इस दौरान उसके चेहरे पर सल्फर आ गया। जिसके चलते उसका चेहरा झुलस गया। उसको पहले सिविल अस्पताल लाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसको रेफर कर दिया। कंपनी के अधिकारियों ने उसको शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया। परिवार के लोग सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। परिजनों ने भी हादसे को लेकर रोष व्यक्त किया।
पिछले माह पाइप लीकेज से दो की हो गई थी मौत
विदित है कि पानीपत रिफाइनरी में शुक्रवार 17 नवंबर की सुबह करीब 11 बजे डीसीयू प्लांट में भाप सप्लाई करने वाले पाइप में लीकेज हो गई थी। पाइप लीक होने से ब्लैक हॉट वाटर गिरने से आईओसीएल के प्रबंधक प्रदीप, हरमन इंजीनियरिंग के तहत कार्यरत मजदूर जसप्रीत, हाईटेक इंजीनियरिंग के तहत कार्यरत सुपरवाइजर अनिल कुमार व पाल कंस्ट्रक्शन में कार्यरत अंकित गंभीर रूप से झुलस गए थे। पानीपत रिफाइनरी टाउनशिप अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने अनिल कुमार, अंकित व जसप्रीत को पानीपत स्थित एक अस्पताल में रेफर कर दिया था। यहां पर चिकित्सकों ने अनिल व जसप्रीत को चिंताजनक हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया था। दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में सुपरवाइजर अनिल निवासी स्टोंडी करनाल व जसप्रीत निवासी शेखपुरा करनाल की मौत हो गई थी। अनिल के परिजनों ने बोहली चौकी में रिफाइनरी प्रबंधन व ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था।
हादसों के बाद भी प्रशासन व प्रबंधन नहीं ले रहा सबक
इंडियन ऑयल ने देश की सातवीं रिफाइनरी पानीपत में 1998 में स्थापित की थी। जिस पर करीब 3868 करोड़ रुपये खर्च आया था। इसकी क्षमता छह एमएमटीपीए है। इसमें डीएचडीएस (डीजल हाइड्रो डिसूलफरशन यूनिट) 1999 में स्थापित की थी। यह आधुनिक रिफाइनरी में से एक है। यहां पर नया प्रोडक्ट 96 आरओएन पेट्रोल व भारतीय सेना के लिए सब जीरो डीजल तैयार किया जाता है।
वर्जन
पानीपत रिफाइनरी में किसी तरह के हादसे की सूचना नहीं है। ऐसी कोई सूचना या शिकायत मिलती है तो मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पिछले माह हादसे के बाद दर्ज मुकदमे में भी जांच कर रही है।
श्रीभगवान, प्रभारी, पुलिस चौकी बोहली।