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नगर निगम आयुक्त ने स्वच्छता मैप का वीरवार सुबह किया शुभारंभ

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नगर की सफाई के लिए लांच किया स्वच्छता मैप एप, सुपरवाइजर बोले एंड्रायड फोन नहीं चला सकते
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम ने शहर को साफ सुथरा बनाने की दिशा में स्वच्छता मैप और एप लांच किया है। इसके तहत एंड्रॉयड फोन से आम नागरिक गंदगी के ढेर या कूड़े की फोटो खींचकर एप पर अपलोड कर सकता है, जो तत्काल संबंधित सफाई सुपरवाइजर के पास पहुंच जाएगी। इसके 48 घंटे में सुपरवाइजर को इसका समाधान करना होगा। निगम अधिकारियों ने सुबह डेमो देकर इसका शुभारंभ किया और दोपहर बाद निगम कार्यालय में सुपरवाजर की कार्यशाला आयोजित की। जिसमें सुपरवाजइरों को एप के बारे में समझाया, लेकिन तमाम सुपरवाइजरों की इसमें दिलचस्पी नजर नहीं आ रही है। कई सुपरवाइजर ने एंड्रॉयड फोन लेने और एप चलाने में खुद को अक्षम बताया है।
निगम आयुक्त शिवप्रसाद शर्मा, संयुक्त आयुक्त सुमन भांखड़ और सीएमजीजीए (मुख्यमंत्री की सुशासन सलाहकार) अक्षिता जैन ने वीरवार को संयुक्त रूप से इस एप के तैयार होने के बाद इसका डेमो कर शुभारंभ किया। निगम आयुक्त शिव प्रसाद शर्मा ने बताया कि कूड़े के उठान के लिए 48 घंटे का समय निर्धारित है। संबंधित कर्मचारी यदि 48 घंटे में कूड़ा उठान नहीं करता है तो यह फोटो मुख्य सफाई निरीक्षक से लेकर निगम आयुक्त तक जाएगी और मोबाइल में स्थित एप में यह लाल व काले चिन्ह के साथ दिखाई देगी। इस कूड़ा उठान के बाद ही संबंधित लोकेशन ग्रीन सिग्नल में भी दिखाई देगी। शिव प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस एप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस पर फोटो अपलोड होते ही स्वत: ही संबंधित सुपरवाइजर के पास स्वयं चली जाती है। वह मौके पर जाकर उस क्षेत्र की अपनी टीम से सफाई करवाएगा और सफाई होने के बाद वह उस जगह की फोटो खींचेगा तथा उसे अपनी ओर से उस एप पर अपलोड करेगा, तब जाकर वह शिकायत उस एप से क्लीयर होगी।
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सुपरवाइजर को स्मार्टफोन चलाना भी सिखाया
इस योजना के तहत अब सुपरवाइजर को 48 घंटे के अंदर ही मोबाइल एप पर आई शिकायत का समाधान करना होगा और चिह्नित स्थान से कचरा उठवाकर साफ हुए स्थान का फोटो व्हाट्सअप पर भेजकर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देनी होगी। उन्होंने कहा कि इस समय नगर निगम के पास 38 सुपरवाइजर हैं। उनको कार्यशाला में स्मार्ट फोन चलाना भी सिखाया गया। यमुनानगर के सीएमजीजीए कर्ण सिंह ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाना नगर निगम व नगरपालिकाओं के सभी अधिकारियों, सुपरवाइजरों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इस योजना का और अधिक प्रचार करवाने के लिए स्वच्छ मैप एप को पब्लिक लेवल पर लांच किया गया है।
एंड्रॉयड या एप्पल मोबाइल में होगा डाउनलोड
सीएमीजीए अक्षित जैन ने कहाकि इस स्वच्छ मैप एप को आमजन को भी अपने एंड्रॉयड या एप्पल मोबाइल फोन के गूगल या एप्पल प्ले स्टोर में डाउनलोड कर लेना चाहिए। स्वच्छता एप की सहायता से आम व्यक्ति अपने घर के आसपास पड़े कूड़े कचरे की फोटो खींचकर, उस पर डाल सकता है, जिससे सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने में मदद मिलेगी।
मेरे पास एंड्रॉयड फोन नहीं, वेतन में मुश्किल से चलता है खर्च
वार्ड-छह के सुपरवाजइर अब्दुल फराक ने बताया कि मेरे पास छोटा मोबाइल है। निगम से मिलने वाले वेतन में परिवार का खर्च ही मुश्किल से चल पाता है। ऐसे में एंड्रॉयड फोन लेना व इसको चला पाना मुश्किल होगा।

वार्ड-आठ के सुपरवाइजर आसिफ ने बताया कि सुपरवाइजर व सफाईकर्मी नियमित रूप से सफाई कर रहे हैं। लोग ही स्वच्छता के प्रति इतने जागरूक नहीं है। सुपरवाइजरों से पहले लोगों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। उनके पास ट्रायल के दौरान किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है।
वार्ड-आठ व दस के सुपरवाइजर अनिल ने बताया कि उसके पास पुराना मोबाइल है। वह इतने कम वेतन में एंड्रायड फोन लाने में सक्षम नहीं है। निगम इसको लेकर कोई स्कीम लाता है या फिर खुद देता है तो वे इसको चला सकते हैं।
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वर्जन
नगर निगम द्वारा शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में मोबाइल एप शुरू किया है। यह एंड्रॉयड फोन में ही डाउनलोड होगा। संबंधित सुपरवाइजर को शिकायत मिलने के 48 घंटे में कूड़ा उठाना होगा। यह पानीपत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। इसके सफल होने पर प्रदेश में लागू किया जाएगा। सुपरवाइजर किसी तरह की लापरवाही करते पाया जाता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुपरवाइजरों को एंड्रोयड फोन दे पाना फिलहाल योजना में नहीं है।
शिव प्रसाद शर्मा, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
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