एनएचएमकर्मी पसीजे न सरकार, तीसरे दिन जारी रही हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। एनएचएमकर्मियों और सरकार के बीच की रस्साकशी तीसरे दिन वीरवार को भी जारी रही। इस बीच कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं दिखता, जबकि हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। मरीजों को ओपीडी की पर्ची बनवाने से लेकर दवा लेने तक में परेशानी उठानी पड़ी। इन सबके बीच स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मरीजों को किसी तरह की परेशान न होने का दावा करते मिले।
एनएचएम कर्मचारियों ने स्थायी सेवा सुरक्षा समेत अपनी 22 मांगों को लेकर वीरवार को तीसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी। कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल स्थित पार्क में सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों में सरकार की अनदेखी पर रोष है और सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मरीजों की परेशानी को अनदेखा कर रहे हैं। सीएचसी व पीएचसी से लेकर सिविल अस्पताल से मरीज दवा बिना वापस लौट रहे हैं। एंबुलेंस न मिलने पर भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राइवेट एंबुलेंस चालक मनमर्जी से किराया वसूल रहे हैं। इस मौके पर कविता, सुमन, किरण, रीटा, ज्योति, अशोक, रविंद्र, अमित, प्रदीप, दीपक, महिपाल मौजूद रहे।
अस्पताल में ओपीडी से लेकर दवा स्टोर तक में परेशानी
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते वीरवार को भी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं खतरे में रही। ओपीडी की पर्ची बनवाने में भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं ओपीडी के बाद दवा लेने में सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। ट्रेनी कर्मचारियों से मरीज संभल नहीं पा रहे हैं। ऐसे में दवा स्टोर में मरीजों और तीमारदारों की लंबी लाइन लग रही।
वर्जन
एनएचएम कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे हैं। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को की जा रही है। वे अपने स्तर पर सिविल अस्पताल और सीएचसी व पीएचसी में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने को लेकर प्रयासरत हैं। उन्होंने खुद भी सिविल अस्पताल का मौका मुआयना किया है।
डॉ. संतलाल वर्मा, सीएमओ पानीपत।