पानीपत। गांव सिवाह स्थित शिवालिका रग्स फैक्टरी में रविवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आधे घंटे के भीतर आग पैकिंग डिपार्टमेंट से दूसरे हिस्सों में फैल गई। आग की सूचना मिलने के 20 मिनट बाद घटनास्थल पहुंची दमकल विभाग की गाड़ी से दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग ने दूसरे हिस्सों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के कारण करोड़ों रुपये के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। पानीपत दमकल की 11 और सोनीपत, गन्नौर, एनएफएल, थर्मल, घरौडा, रिफाइनरी और करनाल से आई सात गाड़ियों को आग बुझाने में लगाया गया। इन गाड़ियों ने पानी भरकर दोबारा आग आग बुझाने में 60 से अधिक चक्कर लगाए, इसके बाद भी आठ घंटे में रात 10 बजे तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था।
श्रमिक जगदीश ने बताया कि रविवार को पैकिंग और पावरलूम डिपार्टमेंट में काम चल रहा था। दोपहर पौने दो बजे पैकिंग डिपार्टमेंट में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। कर्मचारियों को माल में से धुआं उठता दिखा तो उन्होंने फायर सिलिंडर की मदद से आग पर काबू पाया। आग बुझाने पर कर्मचारी हाथ-पांव धोने के लिए पानी की टंकी की तरफ चले गए। कुछ देर बाद वे वापस पैकिंग डिपार्टमेंट पहुंचे तो उन्हें आग की लपटें उठती दिखी। दोबारा आग पर काबू पाने का प्रयास किया तो एक श्रमिक का हाथ और पांव मामूली रूप से जल गया। जिससे घबराए श्रमिकों ने शोर मचाकर अन्य कर्मचारियों को बुलाया। सैकड़ों कर्मचारी घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। मैनेजर संजीव और दमकल विभाग को आग लगने की सूचना दी। जिसके बाद ही आग पर काबू पाने के लिए प्रयास तेज किए गए।
7 केंद्रों से मंगवाई दमकल गाड़ियां : दोपहर लगभग साढ़े चार बजे तक पानीपत के विभिन्न दमकल केंद्रों से चार गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी थी। इसके अलावा गन्नौर, समालखा, सोनीपत और एनएफएल की एक-एक गाड़ी भी पानी की बौछार कर रही थी। लगभग एक लाख लीटर पानी की बौछार करने के बावजूद भी आग नहीं बुझी। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए थर्मल, रिफाइनरी, करनाल और घरौंडा दमकल केंद्रों से भी गाड़ियां मंगवाई।
शहर की ये बड़ी फैक्टरियां हाल ही में जलकर हुई राख :
- रिसालू रोड स्थित आनंद इंटर नेशनल फैक्टरी 22 मार्च को जलकर तबाह हो गई थी।
- 9 अप्रैल को ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया की जिंदल फैब्रिक यॉर्न में आग लग गई थी।
- 11 अप्रैल को ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित डिंपल इंटरप्राइजेज में आग लगने के कारण लाखों का नुकसान हुआ था।
- 26 अप्रैल को अनाज मंडी कट निकट स्थित विजय अग्रवाल की फैक्टरी में आग लगी थी।
- 27 अप्रैल को अनाज मंडी कट स्थित झुग्गियों में आग के कारण गरीबों के आशियाने उजड़ गए थे। कई पशु और गोवंश जिंदा जले थे।
- 30 अप्रैल को बरसत रोड पर कुबेर कांटे के पास गुडविल ट्रेडर्स फैक्टरी में आग लगने के कारण लाखों का नुकसान हुआ था।
उद्योगपति लगातार कर रहे हैं औद्योगिक क्षेत्र में फायर स्टेशन बनाने की मांग : पानीपत के उद्योगपतियों की शनिवार रात को निजी होटल में मीटिंग हुई थी। मीटिंग में उद्योगपतियों ने अपनी मांगे रखी थी। मीटिंग में उद्योगपतियों ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा था कि फैक्टरियों में आग लगने पर समय पर दमकल विभाग की गाड़ियां नहीं पहुंच पाती। जब तक गाड़ियां पहुंचती है फैक्टरियां राख हो चुकी होती है। इसलिए सेक्टर 29 में एक फायर स्टेशन होना चाहिए। उद्योगपति लंबे समय से सरकार से फायर सिस्टम को अत्याधुनिक बनाने व औद्योगिक सेक्टर में फायर स्टेशन बनाने की मांग कर रहे हैं, ताकि फैक्टरियों को आग से बचाया जा सके।