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43 कोचिंग सेंटरों में से एक में भी मानक नहीं मिले पूरे

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पानीपत। नगर निगम की टीम ने वीरवार को शहर के गोहाना रोड, सेक्टर 11-12, जीटी रोड स्थित 13 कोचिंग सेंटरों पर पहुंचकर निरीक्षण किया। किसी भी सेंटर में न तो फायर सिस्टम मिले और न ही कोई पंजीकृत मिला। टीम ने सभी कोचिंग सेंटर की सूची तैयार कर ली है, निगम के अधिकारियों ने निर्देश अनुसार शहर में स्थित सभी कोचिंग सेंटर का निरीक्षण उनकी रिपोर्ट तैयार कर ली है, वह जल्द ही इस रिपोर्ट को उपायुक्त को सौंपेंगे।
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नगर निगम ईओ दीपक गोयल ने बताया कि उन्होंने वीरवार सुबह पैरामाउंट, तक्शीला, भारती कॉन्सेप्ट आदि कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। नेतृत्व में गठित की गई टीम ने जीटी रोड से लेकर गोहाना रोड, गोशाला रोड, साईं बाबा चौक, एंजल प्राइम मॉल के साथ स्थित कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। इनमें से एक भी नियम के तहत मानकों पर पूरे नहीं पाए गए। उन्होंने 13 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया, जिसमें से हर सेंटर में कोई न कोई कमी मिली है।
इन कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण
1. पैैरामाउंट पानीपत - जीटी रोड
2. तक्शीला एकेडमी - जीटी रोड
3. भारती कॉन्सेप्ट- जीटी रोड
4. ईयूडी शिक्षकालय, सेक्टर 11-12
5. ईडेल एकेडमी- सेक्टर 11-12
6. पीवीएस एजुकेशन सर्विस, सेक्टर 11-12
7. साइंस, मैथ एकेडमी, सेक्टर 11-12
8. नवीन क्रेटीव एकेडमी, सेक्टर 11-12
9. एडीफाई क्लासेेस, सेक्टर 11-12
10. इंस्टट्यूशन एजुकेशन एकेडमी, सेक्टर 11-12
11 . टीचवेल एेंड पीजे एकेडमी, सेेेक्टर 11-12
12. रियल विजन एकेडमी, सेक्टर 11-12
13. एओएससी एकेडमी ऑफ साइंस एेंड कॉमर्स, सेक्टर 11-12

ये मानक होने चाहिए
1. फायर सेफ्टी सिस्टम होने चाहिए
2. बिल्डिंग निर्माण बाईलाज
3. इमरजेंसी गेट होने चाहिए
4. मेन डोर के अलावा कई अन्य डोर
5. ऊपर जाने के लिए दो सीढ़ियां होनी चाहिए

डीसी को देंगे रिपोर्ट : सिंह
वहीं ट्रैफिक पुलिस थाना इंचार्ज महेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने वीरवार को 7 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। जिसमें से एक के पास भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं मिली। उन्होंने सभी सभी की रिपोर्ट तैयार कर ली है। वह इस रिपोर्ट को डीसी को सौंपेंगे और जल्द ही इन पर कार्रवाई के लिए नोटिस दिलाएंगे।
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बिशन स्वरूप कॉलोनी में सबसे ज्यादा कोचिंग सेंटर मानकों के विरुद्ध : नगर निगम ईओ दीपक गोयल ने बताया कि अभी तक उन्होंने जितने भी कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया है उसमें सबसे ज्यादा मानकों के विरुद्घ चलने वाले कोचिंग सेंटर बिशन स्वरूप कॉलोनी में है। उन्होंने अब तक 43 कोचिंग सेेंटरों का निरीक्षण किया है, जिनमें से बिशन स्वरूप में स्थित सेंटर की हालत अत्यधिक खराब मिली है। अगर कोई हादसा होता है तो इनके पास कोई मानक ऐसे नहीं है, जिससे किसी छात्र की जान बच सकती है। वहीं जो सेक्टर 11-12 में कोचिंग सेंटर में उनमें कुछ मानकों की कमी है। किसी में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं है।
बिशन स्वरूप कॉलोनी निवासी डीसी, निगम कमिश्नर को दे चुके हैं शिकायत : वार्ड 26 स्थति बिशन स्वरूप कॉलोनी निवासियों ने एकजुट होकर डीसी व निगम कमिश्नर को शिकायत दी है कि उनकी कॉलोनी में लगभग 20 से अधिक कोचिंग सेंटर खुले हुए है। जिसमें से एक के पास भी मान्यता नहीं है। सभी अवैध रूप से चल रहे हैं। किसी के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है।
पुलिस की सख्ती, बिना हेल्मेट व अवैध पार्किंग में खड़े वाहनों के काट रहे चालान : शहर की पुलिस भी एक्शन मोड में आ गई है। उन्होंने अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटर के पास पार्किंग सुविधा न होने के कारण उन्होंने वाहनों के चालान काटने शुरू कर दिए है। जिसके कारण सभी कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है। उन्होंने बताया कि शहर के सभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को निर्देश दे दिए है, जहां पर भी उन्हें अवैध पार्किंग दिखे उनको अपने कब्जे में ले और चालान बनाए ।
उधर, समालखा में 12 कोचिंग व कंप्यूटर सेंटर का किया निरीक्षण : नगरपालिका अधिकारियों ने शहर में चल रहे विभिन्न कोचिंग व कंप्यूटर सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकांश सेंटर में आग बुझाने के किसी तरह के यंत्र नहीं मिले। जिसके बाद उन्होंने इन सेंटर के संचालकों को खामियों को दूर करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि गुजरात के सूरत में कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद प्रदेश सरकार की भी नींद टूटती हुई दिखाई दे रही है। इसको लेकर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को संज्ञान लेने के लिए कहा गया है। इसी संदर्भ में वीरवार को नगरपालिका समालखा के सचिव प्रदीप कुमार ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न कोचिंग व कंप्यूटर सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान किसी भी सेंटर में अग्निशमन यंत्र नहीं मिले और न ही आपात स्थिति में वह से बचने का प्रबंध दिखा। सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि शहर में 12 सेंटरों की जांच की गई। जिसमें अधिकांश कंप्यूटर सेंटर हैं और रिहायशी जगहों को कॉमर्शियल तौर पर प्रयोग किया जा रहा है। इनमें कहीं भी आग से बचाव के साधन नहीं मिले। सभी को नोटिस देकर एक सप्ताह में अग्निशमन यंत्र सहित अन्य खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
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