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42 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखी दवाएं, डिस्पेंसरी में ना एग्जास्ट फैन और ना ही एसी, दवाओ की गुणवता में कमी आने का अंदे

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42 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखी दवाएं, डिस्पेंसरी में ना एग्जास्ट फैन और ना ही एसी, दवाओं की गुणवत्ता में कमी आने का अंदेशा
संदीप भौरिया
पानीपत।
सिविल अस्पताल की बिल्डिंग में दवाओं के स्टॉक के रख रखाव में अस्पताल प्रबंधन जमकर लापरवाही बरत रहा है। दवा के स्टॉक को 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखा गया है। जबकि हर दवा पर लिखा होता है कि दवा को ठंडे व सूखे स्थान पर रखें। इतनी भयंकर गर्मी में दवाएं प्रभावहीन हो रही हैं। अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि वो कई बार दवाओं पर पड़ रहे इस असर के बारे में अस्पताल के एमएस व सिविल सर्जन को बता चुके हैं, मगर अब तक इसका कोई समाधान नहीं हुआ है। डिस्पेंसरी में दवाओं के लिए ना तो एसी है और ना ही फ्रिज रखा गया है।
दवा विशेषज्ञ ने बताया कि हर दवा पर लिखा होता है प्लीज कीप कूल एंड ड्राई प्लेस। दवा के लिए 18 से 23 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए। अगर इससे अधिक तापमान होगा तो दवाइयां खराब हो सकती हैं। उनकी गुणवत्ता में कमी आ जाएगी। दवाओं को किसी भी सूरत में इतनी भयंकर गर्मी में नहीं रखा जा सकता। वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जाता है। हालांकि वैक्सीन को पुरानी बिल्डिंग में ही रखा गया है। डिस्पेंसरी को नई बिल्डिंग में रोड के किनारे बनाया गया है। खिड़की से सीधा प्रकाश डिस्पेंसरी पर पड़ता है। हालांकि खिड़की पर काली शेड लगाई गई है लेकिन ये भी सीधे पड़ने वाली प्रकाश की किरणों को रोकने में कामयाब नहीं हो पाती।
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डॉक्टर कर चुके हैं दवाओं के असर ना करने की शिकायत
सिविल अस्पताल के डॉक्टर कई बार ड्रग कंट्रोलर को दवा के असर ना करने की शिकायत कर चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जो सिविल अस्पताल में दवा आ रही है। उनसे मरीजों को लाभ नहीं हो रहा। अब इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि गर्मी में रखे होने के कारण दवाओं की गुणवत्ता में कमी आई है।
एक माह से एग्जास्ट फैन खराब
अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि डिस्पेंसरी में एक एग्जास्ट फैन लगाया गया था। वो फैन एक माह पहले खराब हो गया था। उसको ठीक करने के लिए भेजा गया था, लेकिन अब तक वहां से ठीक होकर नहीं आया है। डिस्पेंसरी में एसी अनिवार्य होता है ताकि दवाएं खराब ना हो, लेकिन एमएस व सिविल सर्जन को कई बार इस बारे में बोल चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
पिघल रही है दवा
डिस्पेंसरी के कर्मचारी ने बताया कि डिस्पेंसरी का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने से दवाओं पर बड़ा असर पड़ा है। दवाएं पिघल रही हैं। जब भी दवाओं को पत्ते से निकालते हैं उनमें सीलन होती है और वो टूट जाती हैं।
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डिस्पेंसरी में एग्जास्ट फैन व एसी लगवाएंगे : डॉ. वर्मा
डिस्पेंसरी में एसी व एग्जास्ट फैन की बहुत अधिक जरूरत होती है। उनके पास इस बारे में शिकायत आई है उन्होंने तुरंत एमएस को डिस्पेंसरी में एग्जास्ट फैन व एसी लगवाने के निर्देश दिए हैं। दवाओं की गुणवत्ता में कमी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। अगर ऐसा है तो सैंपल भेजेंगे।
-डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन पानीपत।
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