अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
अनाज मंडी में गेहूं की आवक शुरू हो गई है। पहले दो दिनों में मंडी में 8 क्विंटल गेहूं आ चुका है। इस गेहूं में हल्की सीलन है। गेहूं की आवक से पहले मार्केट कमेटी ने किसानों व मजदूरों के लिए हर बार तरह इस बार भी पानी, शौचालय व लाइट की दुरुस्त व्यवस्था नहीं की है। मजदूरों को पीने का पानी साथ लाना पड़ता है। किसानों के बैठने के लिए कोई सुविधा नहीं की गई है। किसान अनाज मंडी में पेड़ देखकर छांव में लेट जाते हैं। इस बार जिले में गेहूं की पैदावार में 8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी बताई जा रही है। पिछली बार की तुलना में इस साल 68 हजार क्विंटल गेेहूं आने की उम्मीद है। मंगलवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की जिला अधिकारी अनीता खर्ब ने भी अनाज मंडी का जायजा लिया है और किसानों से बातचीत कर उनकी परेशानियां पूछी। उन्होंने किसानों को उनके विभाग की ओर से कोई भी परेशानी न आने का आश्वासन दिया है।
मंत्री ने मजदूरों को गुड़ देने का दिया आदेश, लेकिन अधिकारियों ने नहीं माना:
शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने 2017 में अनाज मंडी का दौरा कर किसानों व मजदूरों की समस्या जानी थी। इसी दौरान उन्होंने गेहूं के गर्दे से बचने के लिए मजदूरों को हर रोज 750 ग्राम गुड़ देने के निर्देश दिए थे। मगर पिछले साल पूरा सीजन चला गया। अधिकारियों ने मंत्री के निर्देश नहीं माने और किसी मजदूर को गुड़ नहीं दिया। इस साल भी अब तक विभाग के कर्मचारियों के पास गुड़ देने के कोई निर्देश नहीं हैं।
अनाज मंडी में साफ सफाई नहीं है: सोहन
अनाज मंडी में मार्केट कमेटी ने सफाई कर्मचारी नहीं रखे हैं। मंडी में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। गंदगी के कारण काम करने में भी परेशानी होती है। खाना भी गंदी जगह पर ही बैठकर खाना पड़ता है। हर बार अधिकारी कहते हैं कि सफाई कराएंगे, लेकिन कभी सफाई नहीं होती।
सोहन सिंह, मजदूर निवासी विकास नगर
घर से लाना पड़ता है पानी : सरोवर
अनाज मंडी में पीने के पानी की काफी परेशानियां होती है। हर बार पानी के लिए भी अधिकारियों से गुहार लगानी पड़ती है। इस बार विभाग ने दो कूलर लगाए हैं, लेकिन इन कूलर में पानी नहीं है। कूलर का कनेक्शन जिस दुकान में किया है वह कूलर को दुकान में बंद कर चला जाता है। उन्हें पीने का पानी भी घर से ही लाना पड़ता है।
सरोवर सिंह, मजदूर निवासी अनाज मंडी
ट्रकों से टकराते हैं बिजली के तार : पुलकित
अनाज मंडी में बड़े ट्रक ऊपर से गुजर रही बिजली की तारों में अड़ जाते हैं। इससे बिजली की तारें टूट जाती है। हादसे होने का भय बना रहता है। इसी कारण अनाज मंडी में पूरी रात लाइट नहीं होती। अंधेरा होने के कारण गेहूं के चोरी होने का भय बना रहता है।
पुलकित, मजदूर अनाज मंडी
हर बार सुनते आए हैं कि विश्राम गृह बनाएंगे, लेकिन होता कुछ नहीं: उमेश
गेहूं व धान के सीजन में नेता व बड़े-बड़े अधिकारी अनाज मंडी में आते रहते हैं। परेशानी पूछते हैं और कहते हैं कि जल्द किसानों व मजदूरों के लिए विश्राम गृह बनेगा, मगर आज तक कुछ नहीं हुआ। किसानों को गेहूं की ढेरियों के पास ही सोना पड़ता है।
उमेश कुमार, मजदूर अनाज मंडी
एससी व एसपी को पत्र लिख दिया है: कुमार
अनाज मंडी में फिलहाल बिजली की कुछ परेशानी है। इसके लिए बिजली निगम के एससी को पत्र लिख दिया है। जल्द बिजली व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। अनाज की सुरक्षा के लिए भी एसपी पानीपत को अनाज मंडी में गश्त बढ़ाने के लिए पत्र लिखा जा चुका है। अनाज मंडी में पानी की समस्या दूूर करने के लिए दो वाटर कूलर लगा दिए गए हैं। फिलहाल मजदूरों व किसानों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। सभी आढ़तियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो तिरपाल, क्रेट व झरने अपने पास जरूर रखें। पूरी अनाज मंडी के सीवरेज भी साफ करवा दिए गए हैं, ताकि बारिश में पानी ओवरफ्लो होकर गेहूं को नुकसान न करे।
अनिल कुमार, अकाउंटेंट मार्केट कमेटी पानीपत।
गेहूं उठान में कोई परेशानी नहीं होगी : खर्ब
वह लगातार जिले की अनाज मंडी व खरीद केंद्रों का निरीक्षण कर रही है। गेहूं के उठान में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो गई। हैफेड व वेयर हाउस गेहूं का उठान करेगी।
अनीता खर्ब, जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अधिकारी
फ्लैग- अव्यवस्थाओं के बीच अनाज मंडी में शुरू हुई गेहूं की आवक
हेडिंग- पानी व बिजली की समस्या के कारण किसान बेहाल
फोटो संख्या 14 से 18