पानीपत। ई-बसों के लिए चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 15 ई-बसों के आने से अब गांवों में भी एसी बसों के चलने की उम्मीद है। इससे पहले शहर में पांच ई-बसों का संचालन नए बस स्टैंड से टोल प्लाजा तक किया जा रहा है। इन नई ई-बसों को अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर संबंधित रूटों पर चलाने की तैयारी की जा रही है। एक ई-बस लगभग डेढ़ करोड़ से बनी है। जो आधुनिक सुविधाओं से लेस है। चालक दल को इलेक्ट्रिक बस की तकनीक, सुरक्षा मानक, बैटरी प्रबंधन और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। ताकि यात्रा के दौरान उन्हें परेशानी न हो।
बसों में यात्रियों के बैठने के लिए आरामदायक सीटें, स्वचालित एलान प्रणाली और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रत्येक जगह यात्रियों को उतरने और चढ़ने की जानकारी ऑडियो अलर्ट से दी जाएगी। साथ ही 15 बसों के लिए नौ चार्जिंग प्वाइंट बनाए गए हैं।
ई-बसों के संचालन के लिए चालक और परिचालक को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें इलेक्ट्रिक बस की तकनीक, सुरक्षा मानक, बैटरी प्रबंधन और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ई-बसें न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगी, बल्कि यह शहर की ट्रांसपोर्ट प्रणाली को नई पहचान देंगी। साथ ही शहर में यात्रा सुगम होगी।
- विक्रम कंबोज, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो