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-जेएमआईसी की कोई एक मामले में सुनवाई करते हुए दिया फैसला

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फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे सरपंच बने सत्यवान को कोर्ट ने किया बर्खास्त
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जेएमआईसी मुकेश कुमार की कोर्ट ने कुराना गांव के सरपंच सत्यवान झंडा को बर्खास्त कर दिया है। कोर्ट ने फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे सरपंच के चुनाव में नामांकन करने के मामले में सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया है। सत्यवान झांडा भाजपा समर्थित सरपंच थे। सरपंच ने ऊपरी कोर्ट में याचिका दायर करने की बात कही है।
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जेएमआईसी मुकेश कुमार की कोर्ट ने सोमवार को कुराना निवासी अर्जुन सिंह की शिकायत पर सुनवाई करते हुए फैसला दिया। अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया था कि सत्यवान झंडा ने पंचायती राज चुनाव में सरपंच का चुनाव फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे लड़ा। उसने अपने नामांकन पत्र में हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद द्वारा जारी सर्टिफिकेट लगाया है। यह सर्टिफिकेट फर्जी तरीके से बनवाया गया है। सत्यवान झंडा इस चुनाव में जीत गया, जबकि उसको दूसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा। उसने पंचायत विभाग व जिला चुनाव कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराई। यहां पर जांच में भी सत्यवान झंडा का सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनते हुए सोमवार को फैसला देते हुए कराना गांव के सरपंच सत्यवान झंडा को बर्खास्त कर दिया। अर्जुन सिंह ने बताया कि यह सच्चाई की जीत है। ग्राम पंचायत कुराना सरपंच सत्यवान झंडा ने बताया कि वह भाजपा कार्यकर्ता और भाजपा समर्थित सरपंच है। जेएमआईसी मुकेश कुमार की कोर्ट ने उसका दसवीं का सर्टिफिकेट फर्जी मानकर उसको बर्खास्त कर दिया है। वह कोर्ट के फैसले का सम्मान करता है। वह इसके विरोध में ऊपरी अदालत में अपनी याचिका दायर करेगा। वह ऊपरी अदालत में खुद को साबित भी कर दिखाएगा।
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