समालखा। नगरपालिका के अंतर्गत गत डेढ़ वर्ष के दौरान शहर में 1400 के करीब स्ट्रीट लाइटें आ चुकीं हैं। इसके बावजूद भी शहर के अधिकांश वार्ड में अंधकार छाया हुआ है। सबसे ज्यादा बुरा हाल लाइन पार काॅलोनियों में है। लोगों का कहना है कि इतनी लाइटें आने के बावजूद भी शहर में अंधेरा समझ से परे है।
उल्लेखनीय है कि डेढ़ वर्ष पहले नगरपालिका में 600 लाइटें आई थी और शहर के सभी 17 वार्ड के पार्षदों को 35-35 लाइटें वितरित की गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि इन स्ट्रीट लाइटों के लगने से शहर रोशनी से जगमग हो जाएगा लेकिन इनमें से कुछ जगह तो लाइटें लगी और काफी जगह अंधकार ही रहा।
जो लोगों में चर्चा बना रहा कि पार्षदों को लाइटें मिलने के बाद आखिर वो कहां गई। अब फिर से 800 स्ट्रीट लाइटें मंगवाई गई हैं। सभी 17 पार्षदों को 44-44 लाइटें दी गई हैं लेकिन अभी तक इन लाइटों को शहर में लगाया नहीं गया है।
इसके कारण लोग फिर से फुसफुसाहट करने लगे है। मुकेश, प्रदीप, राजेश का कहना है कि सभी वार्डों में कई जगह तो पहले भी लाइटें लगी हैं और भी फिर से 44-44 स्ट्रीट लाइट उन्हें दी जाएंगी। अगर सही ढंग से लाइटें लगे तभी शहर का अंधकार दूर हो सकता है। न कि अपने चहेतों के घरों के बाहर लाइटें लगा दी जाएं।
रोशनी ना होने से वारदात की आशंका बनी रहती है। शहर की कुछ जगहों पर तो रोशनी की उचित व्यवस्था है लेकिन काफी गलियां, जगह ऐसी है जहां अंधकार छाया रहता है। इसके साथ ही पुरानी टेलीफोन एक्सचेंज, लाइन पार की काॅलोनियों में रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं है। जो वारदात चेन स्नैचिंग, सड़क हादसों का कारण बनती है।
वहीं, इस बारे में नपा सचिव मुकेश कुमार का कहना है कि स्ट्रीट लाइट आ गई हैं। जल्द ही पार्षदों की मांग अनुसार दिया जाएगा। इनको वार्डों में जहां भी जरूरी होगा लगवाया जाएगा।