अंकुर मुंढाल
पानीपत।
ई-वे बिल को एक अप्रैल को एक राज्य से दूसरे राज्य में सामान ले जाने के लिए और उसके साथ ही 20 अप्रैल को राज्य के अंदर भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर सामान को ले जाने के अनिवार्य कर दिया गया है। बिक्री कर विभाग आयुक्त वीके बैनीवाल ने बताया किक ई-वे िबल लागू होने से रोड पर लगने वाले में कटौती होगी। सभी व्यापारी व संचालक अपना सामान ट्रांसपोर्ट के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजते है। अब ई-वे बिल काटना आरंभ हो गया है। अब ई-वे बिल में सामान के बारे में विवरण के साथ-साथ गाड़ी की संख्या नंबर होगी और चालक का नाम होगा। सामान पर लगा टैक्स भी ई-वे बिल में दर्शाया हुआ दिखाई देगा। सामान किस व्यापारी का है और ट्रांसपोर्ट के जरिए सामान को किस स्थान पर भेजा रहा है। इसका पूरा ब्यौरा ई-वे बिल में होगा। इससे पहले बिक्री कर विभाग के अधिकारी सामान की जांच करने के लिए गाड़ी को रुकवा कर और उसकी बॉडी को खोलकर सामान की जांच करते थे। जिसमें एक गाड़ी की जांच करने में बहुुत समय लग जाता था। जिसकी राज्य बॉर्डर पर कॉमर्शियल वाहनों की कतारें लग जाती थी। जिसकी वजह से जाम लग जाता था। अब जिन कॉमर्शियल वाहनों में सामान लोड होगा, पूरा ब्यौरा होने के कारण बिक्री कर विभाग के अधिकारी ऑनलाइन सामान की जांच करने के बाद तुरंत वाहन को चलता कर देंगे। जिसकी वजह से राज्य बॉर्डरों पर कॉमर्शियल वाहनों की कतारें नहीं लगेगी और जाम भी नहीं लगेगा।
इस तरह से काटे ई-वे बिल:
ई-वे बिल काटने के लिए व्यापारियों व संचालक को पहले अपनी फर्म का पंजीकरण करवाना पड़ेगा। उसके बाद व्यापारी व संचालक संबंधित साइट पर जाकर एंड्रॉयड मोबाइल, कंप्यूटर व लैपटॉप के जरिए ऑनलाइन बिल काट सकते हैं। ई-वे बिल का सॉफ्टवेयर है, जिसकी मदद से ऑनलाइन बिल जारी किया जाता है। सॉफ्टवेयर में सामान का ब्यौरा डालने के बाद एक एंट्री करनी होगी, उसके बाद ई-वे बिल कट पाएगा।
जल्दी होगी सामान की चेकिंग:
ई-वे बिल में सामान का पूरा ब्यौरा होगा। बिक्री कर विभाग के अधिकारी अब पहले की अपेक्षा ज्यादा जल्दी सामान की चेकिंग कर पाएंगे, क्योंकि विभागीय अधिकारी को एक बार ई-वे बिल में दर्ज की गई एंट्री या गाड़ी की संख्या नंबर की जांच करनी होगी। उसके तुरंत बाद अधिकारी को पता चल जाएगा कि सामान को किस स्थान पर भेजा रहा है और सामान की कीमत कितनी है। अगर ई-वे बिल में दर्ज की गई एंट्री से कुछ अलग सामान मिलता है, तो विभागीय अधिकारी सामान व वाहन को तुरंत पकड़ लेंगे। उसके बाद विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
क्लिक करते ही ई-वे बिल की एंट्री बताएगी पूरी डिटेल, कम समय में होगी कॉमर्शियल वाहनों की जांच
- अब नहीं लगेगी कॉमर्शियल वाहनों की लंबी-लंबी कतारें, जाम की समस्या भी होगी कम
- व्यापारी व संचालक को एक स्थान से दूसरे स्थान पर सामान को भेजने के लिए जारी करना होगा ई-वे बिल
फोटो संख्या 9