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काला पीलिया के जिले में 700 से अधिक मरीज,

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फोटो संख्या 29
संक्रमित सूई के इस्तेमाल से बढ़ रहे हैं काला पीलिया के रोगी
बापौली और सनौली क्षेत्र में काला पीलिया के सबसे अधिक मरीज
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत। हैपेटाइटिस सी (काला पीलिया) की जिले में लगातार मरीज बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में अब तक 700 मरीज रजिस्टर्ड हो चुके हैं। इनका सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। जबकि 320-350 मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। 170 मरीज पिछले 8 माह में सिविल अस्पताल में इलाज कराकर ठीक भी हुए हैं। इनको लेकर स्वास्थ्य विभाग आश्वस्त है। विभाग कॉलोनियों व गांवों में काला पीलिया के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है। बापौली व सनौली क्षेत्र से काला पीलिया के सबसे अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। इन क्षेत्रों में इसका सबसे बड़ा कारण झोलाछाप डॉक्टरों का अधिक सक्रिय होना व साक्षरता की कमी को बताया गया है। काला पीलिया से ग्रस्त 60 फीसदी मरीज 17 से 30 की उम्र के हैं।
इसलिए बढ़ रहा है काला पीलिया:
काला पीलिया की नोडल ऑफिसर डॉ. प्रीति ने बताया कि ग्रामीण व बाहरी कॉलोनी क्षेत्र में झोला छाप डॉक्टर अधिक सक्रिय है। इन्फेक्टेड सूई से इंजेक्शन लगाने पर काला पीलिया के होने के चांस अधिक होते हैं। जहां हेयर ड्रेसर एक ही ब्लेड से बार बार लोगों की सेव करते हैं। उन क्षेत्रों में भी काला पीलिया के अधिक मरीज होते हैं। संक्रमित ब्लेड यूज करने से हैपेटाइटिस सी फैलता है। जहां नशे के आदी लोग एक ही सूई से खुद को इंजेक्शन लगाते है। ये काला पीलिया का बड़ा कारण है। संक्रमित खून चढ़ाना भी इसका मुख्य कारण है।
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युवाओं में इस लिए बढ़ रहा है काला पीलिया:
जिले के कई क्षेत्रों में युवा नशे के इंजेक्शन का प्रयोग करते है। युवा कई कई के ग्रुप में बैठकर एक ही सूई से इंजेक्शन लगाते है। ये युवाओं में काला पीलिया का बड़ा कारण बन रहा है। स्वास्थ्य विभाग इसके खिलाफ भी लोगों को जागरूक कर रहा है।
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काला पीलिया के खिलाफ जागरूकता की जरूरत: डॉ. वर्मा
कई कारणों से काला पीलिया के मरीज बढ़े हैं। इनका सिविल अस्पताल में कामयाब इलाज भी हुआ है। विभाग लोगों को काला पीलिया के खिलाफ जागरूक कर रहा है। जागरूकता से ही काला पीलिया खत्म किया जा सकता है।
डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन पानीपत।
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