पंजीकरण सत्यापित न होने से किसान को लौटना पड़ा खाली हाथ
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। प्रदेश सरकार द्वारा 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद की घोषणा धरातल पर पहले दिन बेअसर साबित हुई। शनिवार को अनाज मंडी में सन्नाटा पसरा रहा। न तो कोई सरकारी खरीद एजेंसी का अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही किसान अपनी उपज लेकर मंडी आए। तकनीकी बाधाओं और पंजीकरण सत्यापन न होने के कारण पहले दिन सरकारी खरीद का आरंभ नहीं हो सका।
मार्केट कमेटी के सचिव अखिलेश शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के कुल 1273 किसानों ने सरसों की फसल बेचने के लिए पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। इस पंजीकरण के तहत कुल 2557 एकड़ भूमि पर सरसों की आवक की उम्मीद है। हालांकि, सत्यापन प्रक्रिया में देरी के चलते फिलहाल खरीद अटकी हुई है।
पहले दिन मंडी की स्थिति यह रही कि मात्र एक किसान, सोमदत्त शर्मा, अपनी सरसों की फसल लेकर पहुंचे थे। पोर्टल पर उनका पंजीकरण तो था, लेकिन विभाग की ओर से वह अभी तक सत्यापित नहीं किया गया था। नियमों की पेचीदगी के कारण उन्हें अपनी फसल बेचे बिना ही बैरंग वापस लौटना पड़ा। सचिव के अनुसार, करीब 130 किसानों का सत्यापन अभी लंबित है, जो आगामी एक-दो दिनों में पूरा होने की संभावना है।