पानीपत। आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय के रसायन विभाग द्वारा शनिवार को इनोवेशन इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फॉर विकसित भारत विषय पर दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का समापन हो गया। यह उच्चतर शिक्षा निदेशालय व दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज स्थित ग्रीन केमेस्ट्री नेटवर्क सेंटर, रॉयल सोयायटी ऑफ केमेस्ट्री लंदन के संयुक्त तत्वावधान में की गई। इस दौरान लगभग 125 शोधार्थियों ने अपने शोध प्रस्तुत किए।
मुख्यातिथि इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर रेवाड़ी के रसायन विभाग के चेयरमैन प्रो. कर्ण सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए विज्ञान का लाभ उठाने की अपनी प्रतिबद्धताओं को विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता की राह अत्याधुनिक अनुसंधान और घरेलू तकनीकी प्रगति से प्रेरित होनी चाहिए। वैज्ञानिक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की पहल बहुत जरूरी है। युवाओं को अपनी जिम्मेदारियों को समझ कर उनका निर्वाह करना होगा। इस दौरान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से प्रो. संजीव अग्रवाल, दीनबंधु छोटू राम विश्वविद्यालय मूरथल से डॉ. सोनिया नैन, एमडी विश्वविद्यालय रोहतक के भौतिक विज्ञान विभाग के पूर्व डीन प्रो. एसपी खटकड़ ने भी अपने विचार रखे। कॉलेज प्रबंधक समिति के प्रधान सुरेंद्र शिंगला, सदस्यों, उप प्राचार्या डॉ. अनुराधा सिंह व कॉलेज के रसायन विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कमार ने अतिथियों व शोधार्थियों का स्वागत किया। मंच संचालन प्रो. आस्था गुप्ता ने किया। इस अवसर पर डॉ. गीताजंली धवन, डॉ. बलकार सिंह, प्रो. शिखा गर्ग, प्रो. सुदेश, प्रो. अदीति मित्तल, प्राध्यापिका वंदना, लता, शिवानी, चित्रांश भटनागर मौजूद रहीं।
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डॉ. प्रशांत और संगीता रहीं प्रथम
कॉन्फ्रेंस के दौरान मौखिक प्रस्तुति व पोस्टर प्रस्तुत किए गए। जिसमें डॉ. प्रशांत कुमार, एसआरएम यूनिवर्सिटी सोनीपत व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पहुंची डॉ. संगीता सैनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, पोस्टर प्रेजेंटेशन में शोधार्थी आरती कुमारी, दीन बंधु छोटू राम विश्वविद्यालय मुरथल व एमडीयू रोहतक से पहुंचे आशीष दहिया ने द्वितीय स्थान हासिल किया।