7 लाख रुपये की टिकट लेकर भागे आउटसोर्सिंग के तहत भर्ती हुए कर्मचारी
पानीपत। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान विभाग द्वारा लोगों को सुविधा देने के लिए आउटसोर्सिंग के तहत 100 से अधिक परिचालक भर्ती किये गए थे। जिनकों पानीपत डिपो द्वारा रोडवेज की टिकटें उपलब्ध करवाई गई थी। विभाग द्वारा आउट सोर्सिंग वाले कर्मचारियों को भी सरकारी टिकटें पकड़ा दी थी, जिन्हें हड़ताल खुलने के बाद आउट सोर्सिंग वाले कर्मचारी बिना कैश जमा करवाए, अपने घर ही लेकर चले गये। गौरतलब है कि हड़ताल खुलने के बाद आउट सोर्सिंग पॉलिसी एक के तहत लगाए सभी कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया था, सभी कर्मचारियों को डेली वेजिज पर भर्ती किया गया था। जबकि विभाग द्वारा निकाले गए युवाओं का कहना हैै कि उनको बिना शर्तों के ही भर्ती किया गया था। इस तरह से आपात समय में काम लेकर उनको निकालना बहुत गलत हैं। वो अपना पुराना रोजगार छोड़कर सरकार के सहयोग के लिए आए थे। वहीं विभाग के लिए भी वो कर्मचारी सरदर्द बन गए हैं, क्योंकि निकाले गए कर्मचारियों में से 35 कर्मचारी ऐसे है जिन्होंने चार दिन बाद तक भी विभाग में टिकट बॉक्स जमा नहीं करवाए हैं। जबकि नियमों के अनुसार परिचालक को रोजाना कैश जमा कराना होता हैं। हटाए गए कर्मचारी को साथ के साथ टिकट बॉक्स जमा कराने थे। अगर वह टिकटें नहीं जमा कराते हैं तो विभाग को 7 लाख रुपये का सीधा-सीधा नुकसान होगा।
हर कर्मचारी को दिए गए थे 20 हजार के टिकट बॉक्स :
विभाग द्वारा प्रत्येक कर्मचारी को 20 हजार रुपये के टिकट बॉक्स दिए गये थे, जिनमें से 35 कर्मचारियों ने अब तक टिकट व कैश जमा नहीं करवाया है, जोकि 7 लाख रुपये का बनता हैं।
बड़ी टिकटें देते तो बकाया रह सकती थी बड़ी धन राशि :
विभाग द्वारा सभी ठेके वाले परिचालकों को केवल 5 से लेकर 20 रुपये तक की टिकट कॉपी उपलब्ध करवाई गई थी, जिस कारण 7 लाख रुपये तक ही कैश बकाया हैं। अगर पक्के कर्मचारियों की तरह उन्हें टिकटें देते तो यह रकम बहुत अधिक हो सकती थी।