अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
स्केबिज (खुजली) रोग काफी तेजी से बढ़ रहा है। ये आमतौर पर स्कूली बच्चों में तेजी से बढ़ रहा है। एक दूसरे के संपर्क में आने से रोगी बढ़ रहे हैं। डॉक्टर इलाज के साथ-साथ लोगों को स्केबिज व अन्य चर्म रोगों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। इसके बाद भी इस रोग के प्रति लोग जागरूक नहीं है। सिविल अस्पताल में सुबह से ही चर्म रोगियों की कतारे लगनी शुरू हो जाती है। हर रोज सिविल अस्पताल में 220 से 250 स्किन रोगियों की ओपीडी होती है। इनमें बच्चे व महिलाओं की संख्या 70 प्रतिशत है। स्केबिज आंगनबाड़ी, स्कूल व कोचिंग सेंटर में बच्चों को एक दूसरे से फैल रहा है। इसका दूसरा कारण स्वच्छ कपड़े ना पहनना भी है।
6 हजार स्केबिज के रोगी हैं जिले में
सिविल अस्पताल में हर रोज 230-250 चर्म रोगी आते हैं। इनमें से 170-180 नए रोगी होते हैं। इनके अलावा जिले के तीन बड़े चर्म रोग के अस्पतालों में 600 से 700 के बीच में ओपीडी हो रही है। जिले में फिलहाल लगभग 6 हजार स्केबिज के रोगी हैं। इसमें से लगभग 4 हजार स्कूली बच्चे हैं। बाकी फैक्टरियों में काम करने वाले श्रमिक व झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोग हैं।
क्या होता है स्केबिज:
स्केबीज घुन से होने वाला खुजली वाला त्वचा का संक्रमण है। इसके अंडों और मल से होने वाले एलर्जिक प्रतिक्रिया के कारण रोगी को दाने या मुंहासे होते हैं। जब घुन आपकी त्वचा की परत को भेदते हुए अंदर प्रवेश कर जाती है, तब यह समस्या होती है। स्केबीज संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। स्केबीज एक साथ परिवार के कई सदस्यों को हो सकती है। इतना ही नहीं यदि किसी संक्रमित व्यक्ति को इसके लक्षण न भी नजर आ रहे हों, तब भी वह दूसरे व्यक्ति को इस रोग से संक्रमित कर सकता है।
लक्षण
स्केबीज से गंभीर खुजली होती है, जो अक्सर रात के समय बढ़ जाती है। इसके साथ ही रेशेज के साथ छोटे फफोले और घाव हो जाते हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में खुजली की समस्या अधिक होती है। बच्चों की त्वचा अपेक्षाकृत अधिक संवेदनशील होती है।
स्केबीज को नजर अंदाज ना करें : डॉ. रजनी
स्केबीज बड़ी समस्या बनती जा रही है। जब भी शरीर पर लाल दाने हो और उनमें खुजली हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। स्कूली बच्चों में ये अधिक बढ़ रही है। अगर कक्षा में एक बच्चे को स्केबिज हो जाए तो ये धीरे-धीरे दूसरों में भी फैल जाती है। स्केबीज से ग्रस्त रोगियों के कपड़े साफ होने चाहिए। एक रोगी के कपड़े अगर कोई दूसरा व्यक्ति पहनता है तो वह भी इस रोग से ग्रस्त हो जाता है।
डॉ. रजनी खरे, चर्म रोग विशेषज्ञ, पानीपत।
मौसम बदलते ही जिले में बढ़ रहे स्केबिज के मरीज
- सिविल अस्पताल में हर रोज आ रहे 220-250 मरीज
-जिले में लगभग 6 हजार बच्चें चर्म रोग से पीड़ित
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