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रैली के जोश में भाजपाई ने खोया होश, यातायात नियम ताक पर रख बिन हेलमेट चले विधायक और कार्यकर्ता

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रैली का असर : बिना हेलमेट चले विधायक और कार्यकर्ता नहीं मिले एसडीएम, इंतजार में रहे फरियादी
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सरकारी अस्पताल में नहीं मिले डॉक्टर, भटकते रहे मरीज, नाकों पर तैैनात अर्धसैनिक बल के जवानों को नहीं मिला पीने का पानी
फोटो संख्या- 13 से 40
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जींद में शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की युवा हुंकार रैली का असर यहां भी रहा। रैली में जा रहे बाइक सवार विधायक सहित कई बीजेपी कार्यकर्ता बिना हेल्मेट यहां से रवाना हुए। दूसरी ओर, किला निवासी 52 लोग एक मामले में लघुसचिवालय में एक अधिकारी से मिलने आए थे, लेकिन वे नहीं मिल पाए। इसके अलावा दो डॉक्टरों के जींद रैली में जाने के कारण सामान्य अस्पताल में ओपीडी में प्रभावित हुई।
रैली में शामिल होने की होड़ में समालखा विधायक रविंद्र मच्छरौली, पानीपत ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा सहित पदाधिकारी और कार्यकर्ता यातायात नियमों को ही भूल गए। ये विधायक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बिना हेलमेट के बाइक पर सवार होकर रैली के लिए रवाना हुए। पुलिस ने भी किसी का चालान नहीं किया। कार्यकर्ताओं ने बाइकों के पटाखों के साथ-साथ काफी हुड़दंगबाजी की, लेकिन सरकार की रैली होने के कारण कोई चालान या कार्रवाई नहीं हो पाई। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर देखने को मिला। सुबह से ही सरकारी अस्पताल में मरीजों के पंजीकरण के लिए लंबी लाइन लगी रही। लोगों को अस्पताल में समय पर डॉक्टर नहीं मिले। वहीं सुबह से ही फरियादी लघुसचिवालय में अधिकारियों से मिलने आए, लेकिन उन्हें कोई भी अधिकारी नहीं मिल पाया। दिनभर लोग परेशानी में इधर उधर घूमते रहे। उनकी फरियाद को सुनने वाला कोई नहीं मिला। सुरक्षा की बात करें तो शहर में हर चौक चौराहे पर पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स तैनात रही और जिले की सुरक्षा चाक चौबंद रही।
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पति के साथ बुलेट बाइक पर गईं विधायक रोहिता रेवड़ी
जींद रैली के लिए शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी का काफिला नगर निगम कार्यालय से रवाना हुआ। इसमें विधायक और उसके पति सुरेंद्र रेवड़ी तो हेलमेट में नजर आए, लेकिन उनके कार्यकर्ताओं ने यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ाईं और बिना हेलमेट और नाबालिग युवक रैली के लिए रवाना हुए। इस दौरान विधायक रोहिता रेवड़ी ने बताया कि लंबे रूट पर वे 17 साल बाद अपने पति सुरेंद्र रेवड़ी के साथ बुलेट बाइक पर जा रही हैं। उनके साथ महिला जिला अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, वार्ड-8 के पार्षद अशोक नारंग, महेश नारंग, डिप्टी मेयर के पति राजू तेल वाला, पूर्व जिला अध्यक्ष गजेंद्र सलूजा आदि मौजूद रहे।

किले के मामले में आए 52 लोग, नहीं मिले अधिकारी
किला निवासी दीपक अरोड़ा ने बताया कि उनका किले की जमीन को लेकर नगर निगम के साथ मामला चल रहा है। नगर निगम कई बार उन्हें नोटिस भेज चुका है, लेकिन किले की जमीन उन्हें मुआवजे में दी गई है। इस मामले में एक अधिकारी ने उन्हें बुलाया हुआ था। सुबह के समय वे 52 महिला व पुरुष यहां उनसे मिलने के लिए आए थे, लेकिन दोपहर तक वे नहीं मिले। इसके अलावा भी अन्य कई अधिकारी सचिवालय में नहीं पहुंच पाए।

डॉक्टर रूम के बाहर दोपहर तक इंतजार करते रहे मरीज
शहर के सामान्य अस्पताल में सुबह ही मरीजों की लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई थी। पहले तो पंजीकरण खिड़की पर पर्ची काटने के लिए कोई नहीं मिला, जब पर्ची कटी तो डॉक्टर कुर्सी से गायब मिले। मरीज डॉक्टर रूम के बाहर लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार करते रहे। काफी समय बाद डॉक्टरों ने मरीजों को चेकअप किया। बता दें पानीपत से जींद रैली में दो डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई हुई थी।
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सीआईएसएफ के जवानों को नहीं मिला पीने को पानी
सुरक्षा की दृष्टि से जीटी रोड पर जगह-जगह सीआईएसएफ के जवान तैनात रहे, लेकिन इनको दिनभर पीने का पानी भी नसीब नहीं हो पाया। एक जवान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह सुबह से नाके पर तैनात है, लेकिन यहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पानी पीने के लिए इधर उधर जाना पड़ता है। वे अपनी ड्यूटी छोड़कर इधर-उधर नहीं जा सकते।
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