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आज सभी विभागों के 2500 कर्मचारी होंगे हड़ताल पर, लोगों को करना पड़ेगा समस्याओं का सामना

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आज सभी विभागों के 2500 कर्मचारी होंगे हड़ताल पर, लोगों को करना पड़ेगा समस्याओं का सामना
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पानीपत। कर्मचारी यूनियनों द्वारा 8 व 9 जनवरी की हड़ताल को लेकर पूरी तैयारियां दिख रही है। यूनियनों का दावा है राष्ट्रव्यापी हड़ताल में दो दिनों तक सभी विभागों का कामकाज ठप रहने की आशंका है। बिजली निगम, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थय, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, बैंक व रोडवेज सहित सभी विभागों की ज्यादातर यूनियनें हड़ताल में शामिल हो रही है, जिनमें जिले के 2500 कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। यूनियन नेताओं का कहना है कि यह हड़ताल पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने के समर्थन और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनविरोधी, कर्मचारी मजदूर विरोधी नीतियों तथा जन सेवाओं के निजीकरण व पूंजीपतियों के हकों में श्रम कानूनों के किए जा रहे मजदूर विरोधी संशोधनों के खिलाफ की जा रही है। जिसमें देश की दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के अलावा लगभग सभी विभागों के कर्मचारी शामिल होंगे। लेकिन इस हड़ताल से सामान्य जनमानस सीधे तौर पर प्रभावित होगा।
किस विभाग में हड़ताल को लेकर क्या तैयारी :
अधिकारियों का दावा सभी बसों का होगा संचालन :
यूनियनों का दावा है कि रोडवेज बसों का भी चक्का जाम रहेगा। वहीं दूसरी ओर विभाग के अधिकारियों का भी दावा है कि हड़ताल से निपटने के लिए वो पूरी तरह से तैयार है। पानीपत डीपो जीएम रामकुमार ने कहा कि उन्होंने हड़ताल के दौरान बसो का संचालन करने के लिए पूरी तैयारियां कर ली है। विभाग से सभी बसों का संचालन किया जाएगा व यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। गौरतलब है कि गत दिनों पहले हुई रोडवेज हड़ताल के दौरान यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था, हालांकि पानीपत डिपो बसों के संचालन के मामले में प्रदेश में प्रथम रहा था। जिस कारण पानीपत में यात्रियों को अन्य जिलों से कम दिक्कतें हुई थी, लेेकिन फिर भी अंतिम दिनों तक डिपो के इंस्पेक्टर तक हड़ताल पर चले गए थे और आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों से बस चलवानी पड़ी थी। दो दिनों की हड़ताल के दौरान देखने वाली बात रहेगी कि अधिकारी बस चलाने के दावे को पूरा कर पाते हैं या नहीं। वहीं दूसरी ओर कर्मचारी भी हड़ताल में रुची दिखाते नजर नहीं आ रहे हैं।
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बिजली निगम में डीसी रेट के कर्मचारियों के अवकाश किए रद्द :
बिजली निगम में भी ज्यादातर यूनियन हड़ताल पर जा रही है। जिसमें लगभग 70 प्रतिशत पक्के कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। जिस कारण डीसी रेट के कर्मचारियों के अवकाश रद्द कर दिए गए है। निगम में पहले ही कर्मचारियों की कमी है, जिनमें से भी बहुत से कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं, जिस कारण फ्यूज लगाने तक के काम प्रभावित रहेंगे और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। अधिकारियों ने कच्चे कर्मचारियों को हड़ताल में ना शामिल होने के कड़े निर्देश दे दिए है। इस हड़ताल के कारण बिल निपटान स्कीम पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सफाई कर्मचारी भी रहेंगे हड़ताल पर :
नगर निगम कर्मचारी भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। जिस कारण शहर की सफाई व्यवस्था केवल जेवीएम के सहारे रह जाएगी। जिस कारण शहर में सफाई व्यवस्था डगमगा सकती है। शहर में चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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बैंक बंद रहने से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर रहना पड़ेगा निर्भर :
बैंको की भी दो दिन की हड़ताल रहेगी, जिस कारण लेनदेन प्रभावित रहेगा। चेक व नकद लेनदेन बंद रहने से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर ही लोगों को निर्भर रहना पड़ेगा। एटीएम में भी कैश खत्म होने से लोगों को दिक्कते हो सकती है। इनके अलावा जनस्वास्थय, स्वास्,थय विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल पर है जिससे लोगों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा।
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