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बूंदाबांदी के कारण गुरुद्वारे को गिराने का काम धीमा, दुकानदारों ने रोष प्रकट किया

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बूंदाबांदी के चलते गुरुद्वारे गिराने का काम धीमा, दुकानदारों ने प्रकट किया रोष
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। बारिश के चलते गुरुद्वारा पहली पातशाही को गिराने का काम धीमा पड़ गया। सुबह एक बार तो काम पूरी तरह से बंद हो गया। गुरुद्वारा मार्केट के दुकानदारों ने इस पर रोष प्रकट किया। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उनको मंगलवार तक दुकान बंद करने की कही गई थी, लेकिन इस तरह से अगले एक सप्ताह दुकान नहीं खोल पाएंगे। गुरुद्वारा प्रबंधन ने मौके पर पहुंचकर दुकानदारों से सहयोग की मांग की। वहीं गुरुद्वारा के तेग बहादुर भवन में सेवादार दर्शन सिंह के भोग डाले गए। एसडीपीसी व गुरुद्वारा प्रबंधन ने आश्रित परिवार को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि भेंट की। वहीं इस हादसे में मारे गए तीन श्रमिकों के नॉमिनी न होने पर राहत राशि नहीं दी जा सकी।
मंगलवार सुबह बारिश के कारण तकनीशियन व कारीगर दोपहर तक बिल्डिंग पर चढ़ने पर हिम्मत नहीं जुटा सके। इसी बीच गुरुद्वारा मार्केट के दुकानदार दुकानों पर पहुंच गए। दुकानदारों ने कहा कि एसोसिएशन ने गुरुद्वारा प्रबंधन को हादसे के दिन बिना मांगे सहयोग दिया था। प्रबंधन ने जल्द ही गुरुद्वारे के कंडम भवन को गिराने का भरोसा दिया था, लेकिन अब आठ दिन हो गए हैं। गुरुद्वारा के भवन को तोड़ने का काम धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में उनका व्यापार लगातार ठप है। प्रबंधन कमेटी ने भरोसा दिया कि बुधवार को गुरुद्वारे के गुंबद के ऊपरी हिस्से व कुछ दीवार को तोड़ दिया जाएगा। इसके बाद गली के आधे हिस्से में बाड़ लगा दी जाएगी। वे वीरवार को दुकान खुलवाने का प्रयास करेंगे। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने वीरवार शाम को गुरुद्वारा भवन का मौका देखा और प्रबंधन से भी बातचीत की।
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सेवादार के आश्रित परिवार की मदद की
सेवादार दर्शन सिंह के गुरुद्वारा के गुरु तेग बहादुर भवन में भोग डाले गए। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर व गुरुद्वारा पहली पातशाही द्वारा आश्रित परिवार को एक-एक लाख रुपये की मदद दी गई। वहीं हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा दर्शन सिंह के परिवार को घोषणा अनुसार पांच हजार रुपये की मासिक पेंशन का पहला चेक भेंट किया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक द्वारा इस हादसे में मारे गए तीन श्रमिकों के आश्रित परिवारों को भी एक-एक लाख रुपये के चेक देने की बात कही, लेकिन आश्रित परिवारों के नॉमिनी नहीं मिल पाए। गुरुद्वारा पहली पातशाही प्रबंधक कमेटी ने उनके नाम व नॅमिनी उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
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