एनजीटी के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन, सरेआम चल रहे हैं भवन निर्माण कार्य, कई जगह फैक्टरियां भी नहीं हुई बंद, पीएम 10- रहा 614.1, लोगों को सांस लेने में हुई दिक्कत
पानीपत। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ओदशों का पानीपत में काफी कम असर देखने को मिला। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उद्योग बंद करने के निर्देशों पर काफी फैक्टरियां तो बंद रही, लेकिन बावजूद इसके सेक्टर 29, काबड़ी रोड व बरसत रोड पर लगभग 20 फैक्टरियां चली। जीटी रोड पर सजय चौक पर पराली से लदी ट्राली में अज्ञात कारणों से आग लग गई। पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर ट्राली से पराली उताकर सड़क पर डाल दिया। दिन भर जीटी रोड पर ही पराली जलती रही, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। प्रशासन की नाक के नीचे शहर में लगभग 40 जगहों पर निर्माण कार्य भी जारी रहा। इसी कारण वायू में पीएम 10- 614.1 रहा। जोकि सेहत के लिए अत्याधिक खतरनाक है। वहीं सोमवार को प्रदूषण के कारण वातावरण में काफी स्मॉक रहा। दृश्यता भी स्मॉक के कारण महज 10 मीटर रह गई। स्मॉक के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दमा के मरीजों को काफी परेशानियां हुई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशों पर पानीपत में 10 नवंबर तक 500 डाइंग यूनिट, कोयले से चलने वाली कंबल चादर की 130 यूनिट व भवन निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके सोमवार को लगभग 20 जगहों पर प्रदूषण करने वाली फैक्टरियां चली। इसके अलावा पानीपत में लगभग साढ़े 950 जगह चल रहे भवन निर्माण के कार्य में से 40 जगह भवन निर्माण भी हुआ। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की पेट्रोलिंग टीमें कहीं नजर नहीं आई। जीटी रोड पर दिन भर पराली जलती रही। शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर 3 गुना पहुंच चुका है। जिस हवा में हम सांस ले रहे हैं वह बेहद खराब है। जो बीमार कर रही है। दिवाली पर पटाखे जलने से प्रदूषण और बढ़ेगा।
कहीं नजर नहीं आई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें:
प्रशासन ने एनजीटी के आदेशों पर मुस्तैद रहने का दावा किया था। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा था कि वो पैट्रेेलिंग करेंगे और प्रदूषण कर रही फैक्टरियों पर कार्रवाई करेंगे। लेकिन दिन भर जीटी रोड पर पराली जलती रही। फैक्टरियों में काम चला और भवन निर्माण कार्य भी जारी रहे, लेकिन प्रशासन की टीमें नजर नहीं आई।
दमा के मरीजों की बढ़ी परेशानियां: डॉ. कुमार
वातावरण में काफी मात्रा में स्मॉक है। इसके कारण दमा के मरीजों को काफी परेशानियां हो रही है। आमतौर पर सिविल अस्पताल में हर रोज 8-10 मरीज आते हैं, लेकिन अब इनकी संख्या में 3 गुना तक बढ़ गई है। इस मौसम में दमा के मरीजों को कम से कम घर से बाहर निकलना चाहिए, घर से निकलने से पहले मुहं पर मास्क लगाना चाहिए। अगर दिक्कत बढ़ती है तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
डॉ. अमित कुमार, डॉक्टर सिविल अस्पताल पानीपत।
पुलिस ने पॉल्यूशन के काटे 150 चालान:
ट्रेफिक पुलिस ने प्रदूषित करने वाले 150 वाहनों के चालान काटे। इनमें 24 ऑटो, 28 ट्रक, 15 बाइक, 33 टाटा मैजिक, 14 ट्रैक्टर शामिल है। प्रदूषित पर अंकुश लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की अलग अलग जगह टीमें तैनात की गई थी।
वायू रही तीन गुना से अधिक प्रदूषित:
पानीपत एक्यूआई- 172
रियल टाइम के अनुसार पीएम 10- 614.19
एयर क्वालिटी इंडेक्स पीएम 10 और पीएम 2.5 की औसत वेल्यू दर्शाता है।
हवा की गुणवत्ता-
0-50 अच्छा, 51-100 औसत, 101-200 मोडरेट, 201-300 बुरा, 301-400 बहुत बुरा, 400 से अधिक- स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक।
प्रदूषण रोकने में सभी करें सहयोग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जल्द लेंगे रिपोर्ट: डीसी
प्रदूषण कंट्रोल करने की जिम्मेदारी हम सबकी है। हमें जागरूक होकर इसके लिए आगे भी आना चाहिए। पेट्रोलिंग करने के लिए टीमों का गठन किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जल्द इसकी रिपोर्ट लेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।
सुमेधा कटारिया, डीसी पानीपत।