पूर्व मेयर ने नाले में चलाया फावड़ा, पर सफेद कुर्ते पर गंदगी का छींटा भी न पड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम के पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह चर्चा में आने के लिए आए दिन कुछ न कुछ करते रहते हैं। इसी कड़ी में शनिवार को वे शिव नगर में नालों की सफाई के लिए खुद उतर गए। वैसे तो उन्होंने फावड़ा लेकर सफाई करते तो दिखे, लेकिन गंदगी का एक छींटा भी उनके सफेद कुर्ते पर नहीं दिखा। अब आप अंदाजा खुद ही लगाइए...? इसके अलावा उन्हाेंने लोगों से सफाई कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भीख भी मांगी। भीख के रूप में उन्होंने 2100 रुपये एकत्र भी किए।
पूर्व मेयर ने नगर निगम के अधिकारियों पर लोगों की परेशानियों का अनदेखा करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वो सभी वार्डों में ऐसे ही लोगों से भीख मांगकर नालों की सफाई कराएंगे, ताकि नगर निगम के अधिकारी शर्म के मारे लोगों की समस्याओं का समाधान करें। इधर, शहर में कूडे़ का उठान ठप होने, चौतरफा कूडे़ के ढेर लगने, जनता में रोष होने के चलते विधायक रोहिता रेवड़ी ने नगर निगम के आयुक्त शिव प्रसाद शर्मा को पत्र लिख कर शहर से कूड़ा उठान का ठेका लेने वाली जीवीएम कंपनी का भुगतान रोकने, शहर का दौरा कर हालात का जायजा लेने, कूडे़ का उठान तेजी से कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं विधायक रोहिता रेवड़ी ने आयुक्त शर्मा को यह भी निर्देश दिए हैं कि अगर उनकी इजाजत के बिना कूड़ा उठान का ठेका लेने वाली जीवीएम कंपनी को भुगतान किया गया तो इसकी जिम्मेदारी उनकी होगी।
पूर्व मेयर सिंह ने बताया कि चार मजदूरों को प्रति दिन दो हजार रुपये की मजदूरी पर लेकर नगर में स्वच्छता अभियान आज से शुरू कर दिया गया है। वहीं मजदूरों को मजदूरी, वे स्वयं नागरिकों से भिक्षा मांग कर देंगे। वहीं हैफेड रोड निवासियों ने पूर्व मेयर भूपेंद्र को भिक्षा के रूप में 2100 हजार रुपये दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के नेता व नगर निगम के अधिकारी मिलीभगत कर सफाई के नाम पर जनता के साथ ठगी कर रहे हैं। जीवीएम कंपनी को पूर्व ठेकेदार के मुकाबले प्रति माह 75 लाख रुपये अधिक राशि में ठेका दिया गया है।
फोटो संख्या 13 से 15
- पूर्व मेयर ने नालों की सफाई के लिए 500 रुपये की दिहाड़ी पर रखे चार मजदूर, लोगों से भीख मांगकर उन्हें देंगे वेतन, 2100 रुपये भीख मांगकर किए इकट्ठा
- विधायक रोहिता ने नगर निगम को कंपनी का भुगतान रोकने के निर्देश दिए