फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat: संत निरंकारी का बढ़ता कुनबा, इस बार 10 लाख अनुयायियों के पहुंचने की उम्मीद

Sun, 22 Oct 2023 08:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह जगमहेंद्र सरोहा, अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)

सार

पिछले साल वार्षिक समागम में करीब आठ लाख अनुयायी पहुंचे थे। इस बार 10 लाख अनुयायियों के पहुंचने का अनुमान है।  कार्यक्रम की तैयारी पिछले एक महीने से चल रही है। समागम स्थल पर अब तैयारी नजर आने लगी है। स्थल शाम को दूधिया रोशनी में चमक उठता है।  
विज्ञापन
निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षाजी महाराज - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संत निरंकारी मंडल का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। इस बार वार्षिक समागम में करीब 10 लाख अनुयायियों के पहुंचने का अनुमान है। पिछले समागम में यह आंकड़ा करीब आठ लाख था। भोड़वाल माजरी गांव स्थित आध्यात्मिक स्थल पर इसे ध्यान में रखकर तैयारियां की जा रही हैं। स्वयंसेवकों की मेहनत आध्यात्मिक स्थल पर नजर आने लगी है। शाम ढलते ही आयोजन स्थल दूधिया रोशन में जगमगा उठता है। जीटी रोड व दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर दूर से समागम स्थल की तैयारी साफ नजर आने लगी है।

विज्ञापन


निरंकारी संत का वार्षिक समागम इस बार 28 से 30 अक्तूबर को है। सुदीक्षा महाराज तीनों दिन प्रवचन करेंगी। यहां देश ही नहीं विदेश से भी सैकड़ों अनुयायी पहुंचते हैं। इसे लेकर पिछले एक महीने से तैयारी चल रही है। इस बार वार्षिक समागम में 10 लाख अनुयायियों के पहुंचने का अनुमान है।
भोड़वाल माजरी गांव में संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर शाम के समय जलती लाइट। संवाद
विज्ञापन

निरंकारी संत से जुड़े एक प्रमुख अनुयायी ने बताया कि आध्यात्मिक स्थल पर रहने और खाने की उचित व्यवस्था की गई है। यहां अलग-अलग विभाग आंतरिक रूप से बनाए गए हैं। इन विभागों के अनुयायी संबंधित काम करते हैं। इस बार भी मिशन के इतिहास को दर्शाती प्रदर्शनी होगी।

12 साल की उम्र में समागम में जाने लगी थीं सुदीक्षा महाराज
निरंकारी संत मंडल में अब सुदीक्षा महाराज सदगुरु की उपाधि पर हैं। वह 12 साल की उम्र में ही समागम में जाने लगी थीं। निरंकारी मिशन

की भारत में 1948 में नींव रखी गई थी। इससे पहले 1929 में बाबा बूटा सिंह ने पाकिस्तान के पेशावर में इसकी स्थापना की थी। बाबा हरदेव महाराज के ब्रह्मलीन होने के बाद सतगुरु माता सविंदर हरदेव की देखरेख में मिशन चला। 16 जुलाई 2018 को तीन बेटियों में सबसे छोटी सुदीक्षा को सतगुरु की उपाधि दी गई।

पुलिस के साथ अनुयायी भी संभालते हैं व्यवस्था
तीन दिवसीय वार्षिक समागम में प्रशासन व पुलिस के साथ अनुयायी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालते हैं। पुलिस मुख्य रूप से समागम स्थल के बाहर यातायात की व्यवस्था करती हैं। स्थल के अंदर अनुयायी खुद व्यवस्था देखते हैं। इसके लिए अलग से विभाग बनाए गए हैं। सभी विभागों के प्रमुख ऊपर जुड़े होते हैं। इसके साथ सुरक्षा की आंतरिक व्यवस्था भी अनुयायी संभालते हैं।
विज्ञापन


संत निरंकारी समागम को लेकर प्रशासन व पुलिस की तैयारी पूरी है। इस संबंध में मंडल के वरिष्ठ लोगों के साथ कई बार की बैठक में हर विषय पर विस्तार से चर्चा की गई है। प्रशासन व पुलिस की तरफ से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। -डॉ. वीरेंद्र दहिया, उपायुक्त, पानीपत।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें