संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। यमुना नदी में जलस्तर चेतावनी स्तर के पास बहने के बाद अब नीचे आ गया है। ऐसे में गांव नवादा-आर के पास बांध के अंदर तेजी से भूमि कटाव हो रहा है। भूमि कटाव से 10 एकड़ पर खडे पोपुलर, गन्ने और ज्वार की फसल पानी के साथ बह गई है।
यमुना का जलस्तर घटने के बाद कटाव तेजी से होने लगा हैं। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है। सिंचाई विभाग के अधिकारी मजदूरों व जेसीबी के साथ कटाव पर मिट्टी के कट्टे लगा रहे हैं।
यमुना नदी में हथिनीकुंड बैराज से चार दिनों तक लगातार अलग-अलग घंटों में छोड़ा गया पानी पानीपत जिला की सीमा में चेतावनी स्तर के आसपास बह रहा था। सोमवार शाम तक यमुना में चेतावनी स्तर से करीब दो फीट तक पानी नीचे हो गया है। हालांकि यमुना नदी अभी भी उफान पर है।
यमुना में पानी कम होने के बाद चार दिनों से पानी ने गांव नवादा आर से गांव नवाद पार की तरफ तटबंध के अंदर भूमि का कटाव तेज गति से हो रहा है। यमुना तटबंध के अंदर गांव नवादा-आर के किसान सतबीर, राजेश, शरीफ, सौरभ व राजेश के दस एकड़ भूमि कटाव में पोपुलर व गन्ने की फसल यमुना के पानी में बह गई है।
पत्थर के बजाय डाली जा रही मिट्टी : किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग उनकी भूमि में से ही मिट्टी के कट्टे भरकर कटाव में डाल रहा है। उनकी मांग है कि जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग कटाव को पत्थरों की ठोकरें लगाकर रोके। यमुना के पानी से कटाव अभी तटबंध की तरफ बढ़ने लगा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर यमुना के पानी से भूमि कटाव हो रहा है। उसके सामने यूपी के गांव मंडावर व नंगला में रेत की खान थी। ठेकेदार द्वारा गहराई तक यमुना से रेत निकाल लिया गया।
यमुना में तटबंध बंद करते कर्मचारी। संवाद