इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की पानीपत रिफाइनरी सात हजार मीट्रिक टन का हरित हाइड्रो प्लांट लगाएगी। रिफाइनरी ने इसके लिए आसपास के तीनों गांवों में जमीन भी देखी है। इसके तहत करीब 60 हजार करोड़ के निवेश का अनुमान है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्लांट के लिए बाल जाटान, खंदरा व आसन कलां में करीब 350 एकड़ पंचायती जमीन देने की घोषणा की।
रिफाइनरी के इस प्रोजेक्ट और सीएम की जमीन देने की घोषणा के बाद औद्योगिक नगरी पानीपत में एक बड़ा प्लांट लगने पर रोजगार के नए आयाम स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री ने इन गांवों की मांगों को पूरा करने का भी आश्वासन दिया।
पानीपत रिफाइनरी ने हरित हाइड्रो प्लांट की घोषणा बुधवार को अपने रजत जयंती समारोह में की। समारोह पानीपत रिफाइनरी की टाउनशिप में किया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल मुख्यातिथि और केंद्रीय पेट्रोकेमिकल प्राकृतिक गैस श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री रामेश्वर तेली कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रहे।
रिफाइनरी के निदेशक श्रीराम वैद्य और निदेशक शुक्ला मिस्त्री ने अध्यक्षता की। यहां डाक टिकट का अनावरण करने के साथ रिफाइनरी से जुड़ी आधा दर्जन परियोजनाओं का उद्घाटन रिमोट बटन दबाकर किया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि किसी भी प्रदेश व देश की प्रगति ऊर्जा की उपलब्धता पर निर्भर करती है।
पानीपत रिफाइनरी ने जिस तरह खुद को आर्थिक क्षेत्र में स्थापित किया है, उससे नया कीर्तिमान स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि 1998 में रिफाइनरी की स्थापना हरियाणा सहित देश के लिए गौरव का पल था। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिफाइनरी के विस्तारीकरण के लिए सरकार के स्तर पर कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और प्रेरणा के चलते स्थापित 2-जी जैव ईंधन प्लांट प्राकृतिक रूप से बेहद लाभदायक सिद्ध होगा। इससे पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र और कैथल जिले के किसानों को पराली प्रबंधन में आसानी होगी। पानीपत रिफाइनरी में 3-जी एथनॉल प्लांट विश्व का पहला अपनी तरह का प्लांट है। उन्होंने कहा कि पराली की खरीद के लिए सरकार 2500 रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता दे रही है। सीएम ने रिफाइनरी के सीएसआर में कराए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।
केंद्रीय पेट्रोकेमिकल प्राकृतिक गैस श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने कहा कि वर्तमान में सभी इंडियन ऑयल रिफाइनरी की क्षमता ढाई सौ तक है। इससे आने वाले समय में चार सौ मीटर तक बनाने की योजना है। कुछ पायलट परियोजना भी शुरू करने पर विचार चल रहा है। रिफाइनरी ने प्रदेश के 22 जिलों के लिए पोर्टेबल हैंड हेल्थ एक्स रे मशीन मुख्यमंत्री को भेंट की।
25 मिलियन एमटी क्षमता की तैयारी
रिफाइनरी के चेयरमैन श्रीराम वैद्य ने कहा कि पानीपत रिफाइनरी की क्षमता शुरुआत में छह मिलियन मीट्रिक टन थी। वर्तमान में इसकी क्षमता 15 मिलियन मीट्रिक टन है। इसका विस्तार कर 25 मिलियन मीट्रिक टन तक किया जा रहा है। इस पर करीब 35 हजार करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। यह एक नए युग की शुरुआत होगी। आईओसीएल की पूरे देश में 11 रिफाइनरी हैं, जो अन्य कंपनियों समेत सभी रिफाइनरियों का एक तिहाई है। देश में आईओसीएल के 34 हजार फ्यूल स्टेशन हैं, जो कि ईंधन का आधा भाग है। इस मौके पर सांसद संजय भाटिया, राज्यसभा सदस्य कृष्ण लाल पंवार, पानीपत शहर विधायक प्रमोद विज, घरौंडा विधायक हरविंदर कल्याण व भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता मौजूद रहीं।