कालका। भीषण गर्मी को देखते हुए हरियाणा सरकार की ओर से 25 मई से स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किए जाने के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। वहीं कई स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि छुट्टियों के दौरान सभी स्कूलों को पूरी तरह बंद रखा जाना चाहिए, ताकि बच्चों के साथ-साथ अध्यापकों को भी राहत मिल सके।
स्थानीय निवासी रंजू, बॉबी, मदन, सन्नी सहित अन्य ने बताया कि कई बार सरकार छुट्टियों की घोषणा तो कर देती है, लेकिन कुछ निजी स्कूल नियमों को नजर अंदाज करते हुए शिक्षकों को स्कूल संबंधी अथवा अन्य कार्यों के लिए नियमित रूप से स्कूल बुलाते रहते हैं। लगातार पड़ रही भीषण गर्मी में स्कूल स्टाफ को भी आराम मिलना जरूरी है। कई अध्यापक ऐसे भी हैं जिनके छोटे बच्चे हैं और छुट्टियों के दौरान उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं होता। ऐसे में छुट्टियों में भी स्कूल लगने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सरकार व शिक्षा विभाग से मांग है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान स्कूलों में अनावश्यक गतिविधियों पर रोक लगाई जाए और शिक्षकों को भी पूरी तरह अवकाश का लाभ दिया जाए।
नियमो की पालना न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कर्मवीर, बीईओ पिंजौर।